[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

मां सरस्वती की उपासना से जीवन में ज्ञान और विवेक का विकास होता है:- डॉ प्रकाश चतुर्वेदीसीतामढ़ी जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देशानुसार यू. सी. आर. सी मेला 3.0 का सफल आयोजननितिन नवीन को अंतरराष्ट्रीय लीफ आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने अनोखे अंदाज में दी बधाईटाइटिल शूट में निर्णय होने के बाद भी अंचल अधिकारी नहीं कर रहे दाखिल खारिज़, मजबूरन पीड़ित करेंगे आमरण अनशन ? जीविका दीदियों ने विधायक के सामने रखीं मांगें, आशा कार्यकर्ताओं ने भी बताईं समस्याएंचौकीदार द्वारा महिला के साथ हुई बर्बरतापूर्ण मारपीट पर पीड़ित से मिलने पहुंचे पुर्व विधान पार्षद संजय प्रसादसेक्टर स्तर की मासिक लीड इंटेलिजेंस एजेंसी(LIA ) की बैठक, सशस्त्र सीमा बल मुजफ्फरपुर की अध्यक्षता में हुई आयोजितगर्ल्स हॉस्टल्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल, पढ़ाई के नाम पर देह व्यापार के लिए रखा जाता हैं लड़की….सरस्वती पूजा को लेकर बैरगनिया थाना में शांति समिति कि बैठक हुई संपन्नमेरा युवा भारत अरवल के द्वारा जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन
बिहारराज्यरोहतास

प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम का 113 वी एपिसोड का लाइव प्रसारण उसरी गांव में देखा गया

रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट 

दावथ(रोहतास)। दावथ प्रखंड के उसरी गांव में प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात कार्यक्रम का 113 एपिसोड लाइव ब्रांड कास्टिंग रविवार को दिन 11 बजे से प्रसारित किया गया।

मन की बात’ के 113वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”हर घर तिरंगा है और पूरा देश तिरंगा है’ इस बार ये अभियान अपने चरम पर था।

देश के कोने-कोने से इस अभियान से जुड़ी अद्भुत तस्वीरें सामने आई हैं।

हमने घरों पर तिरंगा लहराते देखा-स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में तिरंगा देखा। लोगों ने अपनी दुकानों और दफ्तरों में तिरंगा फहराया, लोगों ने अपने डेस्कटॉप, मोबाइल और वाहनों पर भी तिरंगा फहराया।

जम्मू-कश्मीर में 750 मीटर लंबे झंडे के साथ तिरंगा रैली निकाली गई और ये रैली दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज पर निकाली गई।अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट कामेंग जिले में 600 फुट लंबे तिरंगे के साथ जुलूस निकाला गया।

इसी तरह देश के अन्य राज्यों में भी हर उम्र के लोगों ने ऐसे तिरंगा जुलूसों में हिस्सा लिया। स्वयं सहायता समूहों’ से जुड़ी महिलाएं लाखों झंडे तैयार करती हैं।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमारे ध्वज के तीनों रंग देश के हर कोने में, जल, थल और नभ में दिखाई दिए।

   “आपने इंसानों और जानवरों के बीच के प्यार पर कई फिल्में देखी होंगी! लेकिन असम में इन दिनों एक सच्ची कहानी बन रही है।

असम के तिनसुकिया जिले के छोटे से गांव बरेकुरी में मोरान समुदाय के लोग रहते हैं और इस गांव में ‘हूलॉक गिब्बन’ रहते हैं, जिन्हें यहां ‘होलो बंदर’ कहा जाता है। हूलॉक गिब्बन ने इस गांव को अपना घर बना लिया है।

आपको जानकर आश्चर्य होगा – इस गांव के लोगों का हूलॉक गिब्बन से बहुत गहरा नाता है। गांव के लोग आज भी अपने पारंपरिक मूल्यों का पालन करते हैं।

इसलिए, उन्होंने वो सारे काम किए जिससे गिब्बन के साथ उनका रिश्ता मजबूत हो. जब उन्हें पता चला कि गिब्बन को केले बहुत पसंद हैं, तो उन्होंने केले की खेती भी शुरू कर दी।

इसके अलावा, उन्होंने गिब्बन के जन्म और मृत्यु से जुड़े अनुष्ठान वैसे ही करने का फैसला किया, जैसे वे अपने लोगों के लिए करते हैं.”

साथ उन्होंने साथ ही उन्होंने गांव के लोगों को अपने जीवन शैली में पारंपरिक कार्यो का भी उल्लेख किया साथी पुरुषों के साथ महिलाओं में विशेष कर पशुओं की रक्षा और देखभाल पर चर्चा किया। स्पेस वर्ल्ड में भारत की नई ताकत पर विशेष चर्चा की।

कृष्णजन्माष्टमी पर भी चर्चा की।

मौके पर मुखिया संजय कुमार ,भाजपा के मंडल अध्यक्ष मनोज कुशवाहा, ,पुष्पा चौहान, विनोद कुमार सिंह ,हरसू प्रसाद ज्योति कुशवाहा, धर्मेंद्र कुमार सिंह ,राजेंद्र सिंह, भोला कुशवाहा, अजय कुमार, वीरेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, पिंकू कुमार,राधिका देवी, तेतरा देवी,सुशीला देवी ,सविता देवी पूनम देवी ,सहित कई महिलाएं एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

Check Also
Close