
सावन की दूसरी सोमवारी पर शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, हर-हर महादेव से गूंजे मंदिर, शिवज़ी को बेलपत्र अर्पण करने से तीन जन्मो के पापों का संघार होता है: चारों धाम मिश्रा
दावथ (रोहतास) सावन की दूसरी सोमवारी पर सोमवार को प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न शिवालय हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठे। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। महिला और पुरुष, युवकों, श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

देवढी धाम प्राचीन शिव मंदिर, बुढ़वा शिव मंदिर दावथ समेत अन्य शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने भगवान शिव को गंगाजल, दूध, बिल्वपत्र, शमी पत्र, भाँग धतूरा, भस्म,और पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय माहौल बना रहा।

पंडित चारों धाम ने बताया कि भगवान शिव को बिल्वपत्र अर्पण करने से तीनजन्मो के पापों का संघार होता है l शास्त्रों में बिल्वपत्र का विशेष महत्व बताया गया है। सामान्यतः एक बिल्वपत्र में तीन पत्तियां होती हैं, जिन्हें ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।




















