2027 में भारत के इतिहास में पहली पूर्णतया डिजिटल जनगणना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक हुआ संपन्न

2027 में भारत के इतिहास में पहली पूर्णतया डिजिटल जनगणना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक हुआ संपन्न
रिपोर्ट सुजीत कुमार
मोतिहारी: आज दिनांक-09.03.2026 को समाहरणालय स्थित डॉ राजेंद्र प्रसाद सभागार में जनगणना- 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण कार्य से संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-चार्ज जनगणना पदाधिकारीयों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण जिलाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
जिलाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी द्वारा बताया गया की जनगणना 2027 भारत की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना होगी और यह स्वतंत्र भारत की आठवीं जनगणना मानी जाएगी। यह जनगणना भारत के इतिहास में पहली पूर्णतया डिजिटल जनगणना होगी।
जिसमें डेटा संग्रहण के लिए मोबाइल एप और ऑनलाइन विकल्प उपयोग किया जाएगा। यह जनगणना दो चरणों में किया जाना है, पहले चरण में मकान सूचीकरण के अंतर्गत मकानो की गणना की जाएगी। इसकी अवधि 2 मई से 31 मई 2026 है।
द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना की जाएगी। इसकी अवधि 2 फरवरी से 28 फरवरी 2027 होगी। जनगणना का प्रकाशन 1 मार्च 2027 निर्धारित है।
जनगणना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि लोगों के आर्थिक स्थिति का पता लगाने, आर्थिक विकास के लिए प्रभावशाली योजना बनाने, स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने हेतु जरूरी योजनाओं का निर्माण, निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का निर्धारण करने में अपना महत्वपूर्ण अवसर साबित होता है।
अतः सभी पदाधिकारी गंभीरता पूर्वक इस प्रशिक्षण को प्राप्त करेंगे।
आज के प्रशिक्षण में श्री मुकेश कुमार सिन्हा अपर समाहर्ता (राजस्व)-सह-जिला जनगणना पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ-साथ जनगणना निदेशालय, बिहार, पटना से आए प्रशिक्षक श्री विकास सिंह एवं इस जिला के नोडल प्रशिक्षक श्री आदित्य कुमार भी उपस्थित थे।




















