[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

कुण्डवा चैनपुर में जुआ खेलते छह लोग गिरफ्तार, नकदी समेत जुआ खेलने की सामग्री बरामदशिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे बच्चेडॉ. आर.के. सिन्हा के निधन से समाज और देश ने खोया दूरदर्शी अभिभावकअरवल: ईवीएम/वीवीपैट वेयरहाउस का डीएम-एसपी ने किया औचक एवं मासिक निरीक्षणमन्नत पब्लिक स्कूल में प्री-छठ एवं दीपावली उत्सव की धूम, निदेशिका प्रीति कुमारी ने शिक्षकों संग गाए छठ गीतअरवल में स्वर्णकार मनोज कुमार की गोली मारकर हत्या, इलाके में मचा हड़कंपबाबा झुमराज धाम में पहली बार होगा पांच दिवसीय कार्तिक महोत्सव, 20 से 24 नवंबर तक सजेगा भव्य मेलाइनरवा बॉर्डर पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 180.3 लीटर नेपाली शराब के साथ तीन गिरफ्तार, तीन बाइक जब्तबेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के जिला संयोजक बनाए जाने पर सिंटू राज को मंत्री ने किया सम्मानितभारत से मोटरसाइकिल की पेट्रोल टंकी में छिपाकर लाए जा रहे 30 लाख रुपये बरामद, गौर में 14.64 लाख नकद भी जब्त
पटनाबिहारराज्य

बांकीपुर उपचुनाव: एक विधायक चुनने का चुनाव या बिहार की तकदीर बदलने की महापरीक्षा?

बांकीपुर उपचुनाव: एक विधायक चुनने का चुनाव या बिहार की तकदीर बदलने की महापरीक्षा?

रिपोर्ट बिरेंद्र चंद्रवंशी 

पटना की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। एक कड़वा और सीधा सच सुनिए…इस चुनाव में न तो भाजपा के जीतने से सरकार को कोई फर्क पड़ेगा और न ही राजद-कांग्रेस के जीतने से बिहार की सरकार गिरेगी।
तो फिर यह चुनाव इतना खास क्यों है? एक बार ठंडे दिमाग से सोचिए…यदि इस उपचुनाव के जरिए प्रशांत किशोर (PK) बिहार विधानसभा पहुंच जाते हैं तो बिहार की राजनीति पर इसका क्या असर होगा?
प्रशांत किशोर को यदि सिर्फ विधायक-सांसद या मंत्री बनना होता तो यह उनके लिए बाएं हाथ का खेल था।

उन्हें गांवों की खाक छानने की जरूरत नहीं थी, देश के 13 मुख्यमंत्रियों को कुर्सी तक पहुंचाने वाला इंसान चाहता तो खुद किसी भी राज्य से रातों-रात राज्यसभा पहुंच सकता था लेकिन प्रशांत किशोर का लक्ष्य कोई मंत्री पद या सत्ता का सुख भोगना है ही नहीं।
यह PK को विधायक बनाने का नहीं बिहार के हक का चुनाव है!
पिछले तीन दशकों से बिहार की विधानसभा में सिर्फ जाति, धर्म और तुष्टीकरण पर कीचड़ उछाला गया है। क्या कभी युवाओं के पलायन, वर्ल्ड क्लास स्कूलों या अस्पतालों पर गंभीर रोडमैप बना?
जब प्रशांत किशोर विधानसभा के भीतर बैठेंगे, तो बिहार की राजनीति का एजेंडा बदल जाएगा।
सदन के अंदर जब वह आंकड़ों, फैक्ट्स और विज़न के साथ बोलेंगे, तो सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को अपनी जातियों की चादर छोड़कर विकास, शिक्षा और रोजगार पर बात करनी ही पड़ेगी। वह अकेले पूरे बिहार के हक की गूंज बनेंगे।
बांकीपुर के भाई-बहनों, अब फैसला आपके हाथ में है…
इस बार मजबूरी में नहीं, बदलाव के लिए वोट कीजिए। क्या आपको भी लगता है कि प्रशांत किशोर का विधानसभा पहुंचना बिहार के भविष्य के लिए क्रांतिकारी कदम होगा?
अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें और इसे शेयर करें!

Check Also
Close