
महिला चैकिंग स्टॉफ का जलवा, 2026/2027 वित्तीय वर्ष में रेलवे के खजाने को भर दिया, 38 लाख 91 हजार, 890 रुपए जुर्माने के रूप में वसूली
घर परिवार के साथ साथ TTE की चुनौती वाली ड्यूटी निभा कर दानापुर की महिला चैकिंग स्टॉफ ने रच दिया इतिहास।
बिहार राज्य संवाददाता डॉ बीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट
कहा जाता है कि महिलाओं को यदि उचित अवसर मिले तो ये भी इतिहास रच सकतीं हैं और रच भी रहीं हैं।
महिला TTE/DY CIT,Sr TE,TE के परफॉमेंस से सीनियर DCM, अभिनव सिद्धार्थ भी खूब गद गद हैं।
इन शेरनियों ने बता दिया कि हम भी किसी से कम नहीं है?
DY CIT लवली राज, दानापुर, ज्योति कुमारी Sr TE, DNR, अंजु कुमारी DY CIT पटना, रूबी कुमारी Sr TE, राजेंद्र नगर समेत दर्जनों महिला TTE इस कार्य को बखूबी अंजाम दीया।
भारतीय रेल में वाणिज्य विभाग के चेकिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत महिलाएँ अन्य विभागों में कार्यरत महिला रेलकर्मियों के समान हीं कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण की प्रेरक मिसाल हैं। वे दिन-रात यात्रियों की सेवा करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करती हैं, वहीं परिवार और घर की व्यवस्था को भी समान दक्षता से संभालती हैं। पेशेवर दायित्वों और पारिवारिक उत्तरदायित्वों के बीच उनका उत्कृष्ट संतुलन नारी शक्ति, आत्मविश्वास और कर्मठता का जीवंत उदाहरण है।
उनका योगदान न केवल रेलवे बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। दानापुर मंडल में विभिन्न स्टेशनों पर कार्यरत महिला वाणिज्य कर्मियों द्वारा टिकट चेकिंग के दौरान केवल अप्रैल-मई 2026 में 7517 बिना टिकट अथवा अनियमित टिकट वाले यात्रियों को पकड़ कर रेल राजस्व के रूप में 38,91,890 रुपए अर्जित किया है।
अगर वित्तीय वर्ष 2025-2026 की बात की जाए तो महिला टिकट चेकिंग कर्मियों के द्वारा 37,491 बिना टिकट अथवा अनियमित टिकट वाले यात्री पकड़े गए और रेल राजस्व के रूप में 2,21,99,035 रुपए अर्जित किए हैं।
घरेलू दायित्व के साथ-साथ नौकरी में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करने वाली इन महिलाओं पर भारतीय रेल को गर्व है। वैसे तो सभी महिला रेल कर्मी अपनी तरफ से विशेष रूप से कर्मठता के साथ अपना योगदान देने की कोशिश करती हैं।
इन्हीं में से कुछ महिला कर्मियों ने अपने मन की बात कही जो इस प्रकार है:
“रेलवे की ड्यूटी जिम्मेदारियों से भरी होती है, लेकिन परिवार के सहयोग और बेहतर समय-प्रबंधन से मैं घर और कार्यालय दोनों दायित्वों को सफलतापूर्वक निभा पाती हूँ।”-लवली राज-डिप्टी सीआईटी/दानापुर.

“यात्रियों की सेवा करना मेरी पेशेवर जिम्मेदारी है, वहीं परिवार की देखभाल मेरी प्राथमिकता है। संतुलित दिनचर्या मुझे दोनों भूमिकाओं में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देती है।”-ज्योति कुमारी-सीनियर/टीई दानापुर.
“ड्यूटी के व्यस्त शेड्यूल के बावजूद मैं परिवार के लिए समय निकालती हूँ। अनुशासन और योजना के साथ काम करने से घर और नौकरी के बीच सामंजस्य बना रहता है।” अंजू कुमारी डिप्टी सीआईटी/पटना.
“रेलवे में कार्य करते हुए हर दिन नई चुनौतियाँ मिलती हैं, लेकिन आत्मविश्वास और परिवार के सहयोग से मैं अपने पेशेवर और पारिवारिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करती हूँ।”-रूबी कुमारी सीनियर टीई/राजेंद्र नगर
यात्रियों की सेवा के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियों को भी कुशलतापूर्वक संभालने वाली ये महिलाएँ नारी शक्ति, आत्मविश्वास और संतुलित जीवन-प्रबंधन की प्रेरणादायक मिसाल हैं।-अभिनव सिद्धार्थ, वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक।




















