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अरवलबिहारराज्य

कुर्था प्रखंड के मानिकपुर पंचायत में सहयोग शिविर का निरीक्षण: जनसेवा, सुशासन और विकास का सशक्त उदाहरण

कुर्था प्रखंड के मानिकपुर पंचायत में सहयोग शिविर का निरीक्षण: जनसेवा, सुशासन और विकास का सशक्त उदाहरण

अरवल जिला ब्यूरो बिरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट 

दिनांक 2 जून 2026 को अरवल जिला अंतर्गत कुर्था प्रखंड के मानिकपुर पंचायत सरकार भवन में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति उपाध्यक्ष मिथिलेश कुमार यादव, जिला पदाधिकारी श्रीमती अमृषा बैंस, जिला प्रभारी सचिव डॉ. असीमा जैन, उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार, जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) सदस्य चांद मलिक, जिला नागरिक परिषद उपाध्यक्ष दिलीप गुप्ता एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (साइबर) मुशीर आलम द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, प्राप्त आवेदनों के निष्पादन तथा आमजनों को दी जा रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन करते हुए संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े मामलों का निष्पादन पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों की समीक्षा कर यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सरकार की मंशा केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि उनके वास्तविक लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

शिविर में उपस्थित ग्रामीणों एवं लाभुकों से अधिकारियों ने सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं को सुना। विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों के त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि अब आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंच रहा है।

सबका सम्मान, जीवन आसान” के संकल्प के साथ संचालित सहयोग शिविर शासन और जनता के बीच मजबूत संवाद एवं विश्वास का माध्यम बनकर उभरा है।

इसके माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सीधे पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक जवाबदेह, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बन रही है। यह पहल बिहार सरकार की उस सोच को साकार कर रही है जिसमें जनता को शासन का केंद्र बिंदु माना गया है।

बिहार सरकार द्वारा राज्य के सभी पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविर वास्तव में जनसेवा और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी कदम है। पहली बार सरकार इतनी व्यापक स्तर पर पंचायतों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रही है।

माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने, अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने तथा जवाबदेह शासन व्यवस्था स्थापित करने का जो अभियान चलाया जा रहा है, सहयोग शिविर उसका सशक्त उदाहरण है।

माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, विकासोन्मुख सोच और जनकल्याणकारी नीतियों के बल पर बिहार निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

पंचायत स्तर तक प्रशासन की पहुंच, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, आधारभूत संरचनाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान को देखते हुए यह विश्वास और मजबूत होता है कि आगामी पांच वर्ष बिहार के लिए स्वर्णिम पांच वर्ष सिद्ध होंगे।

यह कालखंड सुशासन, विकास, सामाजिक न्याय और समृद्धि के नए अध्याय लिखेगा तथा बिहार को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

चांद मलिक
जदयू पूर्व प्रवक्ता अरवल

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