[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

चकिया नगर में ऐसा कोई चेयरमैन पैदा नहीं हुआ जो गौरव श्रीवास्तव चेयरमैन का टक्कर ले सकेंकायस्थों की राजनीतिक भागीदारी पर नितिन नवीन से अभिषेक सिन्हा की मुलाकात“शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेले, वतन पर मरने वालों का यही निशां होगा”भोजपुर: पीएम श्री बालकृष्ण +2 विद्यालय दुलारपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक का पदभार कौशलेश कुमार ने किया ग्रहणएम्बुलेंस से शराब तस्करी का खुलासा, 89.250 लीटर विदेशी शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार16.8 लीटर नेपाली शराब के साथ नाबालिग समेत एक गिरफ्तार, बाइक जब्त“वंदे मातरम्” के जयघोष के साथ निकली भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के रंग में रंगा मोतिहारीकालाबाजारी के लिए ले जाया जा रहा 550 बैग यूरिया जब्त, चालक फरारभारत-नेपाल सीमा पर SSB की कार्रवाई, 60 लीटर नेपाली शराब और बाइक बरामददावथ सीएचसी से निकली तिरंगा यात्रा, जयघोष से गूंजा बाजार
पूर्वी चम्पारणबिहारराज्य

राष्ट्रीय सम्मान 2026: दानवीर कर्ण पुरस्कार से विभूषित होंगे, अंतर्राष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार

राष्ट्रीय सम्मान 2026: दानवीर कर्ण पुरस्कार से विभूषित होंगे, अंतर्राष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार

अंतर्राष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार को मिलेगा ‘दानवीर कर्ण राष्ट्रीय सम्मान’

मोतिहारी। विश्व मातृभाषा दिवस के अवसर पर बिहार के अंग प्रदेश स्थित भागलपुर में आगामी 22 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले अंग अंगिका साहित्य महोत्सव में बिहार के लाल व देश के सुप्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय रेत शिल्पकार मधुरेंद्र कुमार को प्रतिष्ठित ‘दानवीर कर्ण राष्ट्रीय सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा।

वहीं सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र को इस संबंध में व्हाट्सएप के जरिए एक आमंत्रण पत्र भेजकर जानकारी देते हुए जनसत्ता के वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत ने बताया कि युग चेतना, अंग जन गण, अंग मदद एवं अंगिका सभा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित।

इस साहित्यिक-सांस्कृतिक महोत्सव में अंगिका भाषा, साहित्य और कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। जिसमें भारतीय समकालीन कला के क्षेत्र में अपनी अद्वितीय उत्कृष्ट योगदान के लिए सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र का नाम शामिल है।

उन्होंने बताया कि मधुरेंद्र कुमार ने अपनी अद्भुत रेत कला के माध्यम से न केवल देशभर में, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी भारतीय संस्कृति, सामाजिक सरोकार और मानवीय मूल्यों का प्रभावशाली संदेश दिया है। उनकी कलाकृतियों ने विश्व स्तर पर भारत और बिहार का गौरव बढ़ाया है।

अंगिका साहित्य महोत्सव में उन्हें ‘दानवीर कर्ण राष्ट्रीय सम्मान’ से अलंकृत किया जाना अंग प्रदेश सहित पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है। कार्यक्रम में देशभर के साहित्यकार, कलाकार, भाषा प्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भाग लेंगे।

विश्व मातृभाषा दिवस पर आयोजित यह समारोह अंगिका भाषा के संवर्धन तथा क्षेत्रीय सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Check Also
Close