
अरवल पुलिस ने पायस मिशन स्कूल में शुरू किया ‘ऑपरेशन विधि पालक’ और ‘दीदी पुलिस टीम’ कार्यक्रम
अरवल जिला ब्यूरो बिरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट
अरवल। जन-जागरूकता को सुरक्षित एवं सशक्त समाज की आधारशिला बताते हुए अरवल पुलिस की ओर से पायस मिशन स्कूल में दीप प्रज्वलित कर ‘ऑपरेशन विधि पालक’ एवं ‘दीदी पुलिस टीम’ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं आमजनों को कानून के प्रति जागरूक करना, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करना तथा सामाजिक एवं साइबर अपराधों की रोकथाम में जनभागीदारी बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने बंधुआ मजदूरी, मानव तस्करी, बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा एवं साइबर अपराध से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी और बंधुआ श्रम समाज के लिए गंभीर चुनौती हैं। इनकी रोकथाम के लिए आम नागरिकों की सतर्कता और सक्रिय सहभागिता बेहद जरूरी है। उन्होंने बच्चों के अधिकारों, महिलाओं की सुरक्षा तथा कानून के तहत उपलब्ध सहायता एवं संरक्षण के प्रावधानों की भी जानकारी दी।
साइबर सुरक्षा को लेकर पुलिस अधीक्षक ने ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने और डिजिटल भुगतान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। साथ ही सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की जानकारी देते हुए साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने और उपलब्ध हेल्पलाइन का उपयोग करने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति सजग रहने, विद्यालय आने-जाने के दौरान सतर्कता बरतने तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस, विद्यालय प्रशासन या अभिभावकों को देने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि छोटी-सी सतर्कता कई बड़ी घटनाओं को रोक सकती है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों से सामाजिक कुरीतियों एवं अपराधों के खिलाफ जागरूक होकर पुलिस का सहयोग करने की अपील की गई। साथ ही सुरक्षित, भयमुक्त एवं अपराधमुक्त समाज के निर्माण में सभी से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।




















