
अरवल जिला ब्यूरो बिरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट
25 अगस्त। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट ने संघीय सरकार द्वारा घोषित यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS) को अस्वीकार कर दिया है।
संघ के राज्याध्यक्ष कामरेड रघुबर रजक तथा महासचिव नागेन्द्र सिंह अपनी कड़ी प्रतिक्रिया में कहा कि संघीय सरकार ने भ्रमित करने के लिए NPS का नाम बदलकर UPS कर दिया है।
यह आन्ध्रप्रदेश सरकार की आश्वस्त पेंशन योजना (Assured pension scheme) की नकल है और यह केवल NPS में सुधार है, जो स्वीकार्य नहीं है।
OPS के राजनैतिक मुद्दा बन जाने, गत लोकसभा चुनाव में इसके प्रभाव, कर्मचारियों के आक्रोश और भावी राजनैतिक नुकसान को देखते हुए केन्द्रीय सरकार द्वारा कर्मचारियों को मामुली राहत देकर छलने का बड़ा प्रयास और कार्ययोजना है यह।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों का OPS को लेकर ना केवल संघर्ष जारी रहेगा बल्कि नई उर्जा के साथ इस आन्दोलन को और तीव्र तथा व्यापक किया जाएगा। पुरानी पेंशन योजना का कोई भी विकल्प स्वीकार नहीं है।
पुरानी पेंशन योजना हूबहू लागू करनी होगी, पीएफआरडीए को रद्द करना होगा और 10 प्रतिशत वेतन कटौती की लूट को समाप्त करना होगा।
एसटीएफआई ने भी राजस्थान सहित जिन राज्यों में पुरानी पेंशन योजना लागू है उन राज्य सरकारों को आगाह किया है कि राज्य में लागू की गई पुरानी पेंशन योजना के साथ कोई छेड़छाड़ करने की हिमाक़त नहीं करे अन्यथा शिक्षकों और कर्मचारियों के आक्रोश की ज्वाला सरकार बर्दाश्त नहीं कर पाएगी। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट एसटीएफआई का राष्ट्रीय स्तर पर सम्बद्ध संगठन है।
नागेन्द्र सिंह
महासचिव
बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट




















