गुरहनवा पंचायत के सभी वार्ड सदस्य और ग्रामीण ने मुखिया जगतारण देवी के खिलाफ फूंका बिगुल, भ्रष्टाचार के मामले में उठाई जांच की मांग
गुरहनवा पंचायत के सभी वार्ड सदस्य और ग्रामीण ने मुखिया जगतारण देवी के खिलाफ फूंका बिगुल, भ्रष्टाचार के मामले में उठाई जांच की मांग
मोतिहारी ब्यूरो रिपोर्ट
सिकरहना. ढाका प्रखंड अंतर्गत गुरहनवा पंचायत की मुखिया जगतारण देवी के विरुद्ध पंचायत के सभी वार्ड सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया हैं। अनेक योजना मद में कागज पर काम दिखा लाखों रूपये फर्जी तरीके से निकासी करने का आरोप लगाया गया हैं।
वार्ड सदस्य कल्याण सिंह, रानी देवी,सलाउद्दीन, बच्चा पासवान, मुन्नी बेगम,सैदा खातून,गुलशन बेगम,मो वाजुल हक, धर्मवीर भारती कुल ग्यारह वार्ड सदस्यों एवं ग्रामीण जमशैद आलम, नवीन कुमार,आलोक कुमार, रामाकांत प्रसाद वगैरह ने एसडीओ, बीडीओ सहित अन्य संबंधित वरीय अधिकारियों को आवेदन देकर पंचायत में कागज पर चल रही योजनाओं की जांच करा कार्रवाई की गुहार लगाई हैं।

बताया हैं कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत पंचायत में घर घर कुडेदान का वितरण किया जाना था लेकिन किसी व्यक्ति को कुडेदान नहीं दिया गया। योजना मद की राशि करीब छह लाख चालीस हजार रूपये का भाउचर जमा कर 25 अक्टूबर 24 को राशि निकासी कर गबन कर लिया गया।
वही मुखिया एवं रोजगार सेवक की मदद से एक ही नहरी का नाम बदल बदल कर प्रत्येक छह माह पर उसकी उड़ाही कराई जाती हैं और अपने मनचाहे लोगों के नाम राशि भिजवा कर गबन कर लिया जा रहा हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना हैं कि पंचायत में तीन चार ही नहरी हैं लेकिन चार वर्षों में तीस से उपर नहरी की कागजी खुदाई कर लाखों का गबन किया गया हैं जांच करने पर वस्तुस्थिति सामने आ जाएगी. यही हाल पंचायत में पोखर खुदाई योजना का हैं।
एक तो बिना मापी किये ही अनुमान से बढ़ा चढ़ा कर पोखर खुदाई का मनचाहा लाखों का प्राक्कलन बनवाया गया हैं फिर एक ही पोखर के उनके स्वामी के अलग अलग पारिवारिक सदस्यों के नाम दिखा कई बार खुदाई करा कर राशि डकार लिया गया।
वृक्षारोपण योजना में भी लाखों की राशि निकासी की गई लेकिन एक भी पौधा पंचायत में कहीं नहीं लगाया गया हैं पुरी राशि हजम कर लिया गया.वही नाला निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया गया हैं।
बढ़िया सड़क को जेसीबी से तोड़ कर बिना योजना बोर्ड लगाए नाला का निर्माण कार्य मुखिया पुत्र द्वारा कराया जा रहा हैं. सड़क तोड़ने को लेकर हुए विवाद पर ग्रामीणों ने डायल 112 पुलिस टीम को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम को देख काम रोक दिया गया. ग्रामीणों का कहना हैं कि पुलिस टीम के जाते दूसरे दिन से पुनः नाला का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया. नाला निर्माण में घटिया किस्म के ईट, लोकल बालू तथा सस्ते सीमेंट का उपयोग किया जा रहा हैं।
इधर इस मामले में पूछे जाने पर एसडीओ साकेत कुमार ने बताया कि जांच करा कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.वही बीडीओ डॉ इस्माइल अंसारी ने बताया कि मामले में बीपीआरओ एवं कनीय अभियंता से जांच रिपोर्ट मांगी गई हैं।




















