[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

रेलवे संघर्ष समिति बिहटा अरवल एवं औरंगाबाद का आज दिल्ली के जंतर मंतर पर होगा धरना प्रदर्शनडबल म*र्डर के मुख्य आरोपी पप्पू सिंह ने किया सरेंडरडीएम सीतामढ़ी ने पंचायती राज विभाग की योजनाओं की समीक्षा, सोलर स्ट्रीट लाइट योजना पर जताई नाराजगीजनसमस्याओं के तत्वरित समाधान को लेकर जनता दरबार कार्यक्रम नए स्वरूप में आयोजितनरकटियागंज से पाटलिपुत्र के लिए प्रतिदिन 4 ट्रेनें जाती है और आती 3 है…..मैट्रिक, इंटर परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, दो जोड़ी मेमू ट्रेन का विभिन्न हॉल्ट पर एक मिनट का दिया गया ठहराव।बटिया पुलिस की बड़ी कामयाबी, वाहन चेकिंग के दौरान पिक अप वाहन जप्त, 486 लीटर विदेशी शराब बरामद, चालक गिरफ्तारबरन कन्या उत्थान न्यास समिति द्वारा गया में कार्यक्रम आयोजित कर छह बेटियों को दी गई आर्थिक सहयोग, बतौर मुख्य अतिथि ओंकारनाथ बरनवाल हुए शामिलविभिन्न मांगों को लेकर तीन दिनो से लगातार चकाई में अनसन पर बैठे अनसन कारियों को पुर्व विधान पार्षद संजय प्रसाद ने तुड़वाया अनसनएसपी स्वर्ण प्रभात ने दो दारोगा को किया सस्पेंड- कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप
अरवलबिहारराज्य

भारतीय इकोनॉमी डेट नहीं नंबर 4 का है: आनंद चंद्रवंशी 

भारतीय इकोनॉमी डेट नहीं नंबर 4 का है: आनंद चंद्रवंशी

अरवल जिला ब्यूरो बिरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट 

भाजपा नेता सह पूर्व जिला पार्षद आनंद कुमार चंद्रवंशी ने प्रेस व्यान जारी कर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान हास्यास्पद है कि भारतीय अर्थव्यवस्था डेट हो गया है।

भारतीय अर्थव्यवस्था आज दुनिया का नंबर चार बड़ा अर्थव्यवस्था है, और वह दिन दूर नहीं कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया का नंबर वन अर्थव्यवस्था बन जाएगा । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान का कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा समर्थन करना शर्मनाक बात है।

दरअसल अमेरिका चाहता है कि अमरीकी दूध भारतीय बाजार में बेचा जाये लेकिन अमरीकी पशुओं को चारा में मांस का प्रयोग होता है इसलिए वह दूध भारतीय प्रकृति के अनुरूप नहीं है।

भारत के पशुओं को अहार के रूप में शाकाहारी चारा दिया जाता है। वैसे भी भारत दुनिया का चौथा बड़ा दूध उत्पाद देश स्वयं है और भारत अपने दूध उत्पाद करने वाले कृषिको को हितों का रक्षा भी करता है।

अमरिका चाहता है कि भारत तेल -गैस और हथियार का सौदा अमरिका से करे जबकि भारत तेल- गैस और हथियार का सौदा रूस से करने में विश्वास रखता है चुकी अमरीकी नीतियां वहां की सरकार बदलने के साथ बदलता रहता हैं वहीं रूस भारत के वर्षों -वर्षों से सहयोगी देश रहा हैं, रूस सरकार की नीतियों में भारत की हितों की ख्याल रखा जाता है।

रूस जब भारत को हथियार के साथ हथियार बनाने का फार्मूला भी देता है वहीं अमेरिका भारत को हथियार बेचना चाहता है पर फार्मूला शेयर नहीं करना चाहता है।

वही भारतीय प्रधानमंत्री अमेरिका के दबाव के साथ व्यापार नहीं करते हैं, भारत के सरकार का मानना है कि भारत दुनिया का स्वंम एक व्यापार का केंद्र है वह अमेरिका के दबाव भरी समझौते के साथ व्यापार नहीं कर सकता है।

Check Also
Close