मोतिहारी जिलाधिकारी ने किया नव स्थापित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अरेराज का निरीक्षण

मोतिहारी जिलाधिकारी ने किया नव स्थापित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अरेराज का निरीक्षण
रिपोर्ट सुजीत कुमार
बिहार सरकार के सात निश्चय अंतर्गत नव स्थापित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, अरेराज (पूर्वी चम्मपारण) के प्रशासनिक भवन, कर्मशाला भवन, स्टाफ हॉस्टल, कैंटिन ब्लौक, प्राचार्य आवास, उप प्राचार्य आवास, चहारदिवारी, पहुँच पथ स्थल विकास, फर्नीचर एवं फर्नीशिंग कार्य तथा 100 बेड वाले बालक छात्रावास का निर्माण कार्य का जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण मोतिहारी श्री सौरभ जोरवाल के द्वारा पुलिस अधीक्षक श्री स्वर्ण प्रभात के साथ निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता श्री मुकेश कुमार सिंहा, उप विकास आयुक्त डॉ प्रदीप कुमार, सदर मंडल पदाधिकारी श्री निशांत सिहारा भी उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल मोतिहारी के द्वारा बताया गया कि यह संपूर्ण निर्माण कार्य भवन निर्माण विभाग के द्वारा कराया जा रहा है।
इस योजना के लिए 28.03 करोड़ रूपये की प्रशासनिक स्वीकृति की प्राप्त है।
कार्यपालक अभियंता के द्वारा बताया गया कि निविदा के माध्यम से चयनित एजेंसी के साथ एकरारनामा के अनुसार इस कार्य के प्रारंभ की तिथि-28.03.2023 है।

इस योजना के अन्तर्गत प्रशासनिक भवन, कर्मशाला भवन, स्टाफ हॉस्टल, कैंटिन ब्लौक, प्रचार्य आवास, उप प्रचार्य आवास एवं परिसर विकाश का निर्माण प्रस्तावित है जिसकी भौतिक प्रगति निम्नवत हैः-
(1) प्रशासनिक भवन के चतुर्थ तल का ईट जोड़ाई का कार्य पूर्ण हो चुका है एवं प्लास्टर का कार्य प्रगति पर है।
(2) प्राचार्य एवं उप प्रचार्य आवास का संरचना कार्य पूर्ण। रंग रोगन एवं टाईल्स का कार्य प्रगति पर है।
(3) कर्मशाला भवन के द्वितिये तल का ढलाई कार्य पूर्ण एवं ईट जोड़ाई कार्य प्रगति पर है।
(4) स्टॉप हॉस्टल के भुतल के छत का ढ़लाई कार्य पूर्ण एवं ईट जोड़ाई कार्य प्रगति पर है, प्रथल तल के कॉलम के ढालाई कार्य प्रगति पर है।
(5) कैटिन के प्रथम एंव द्वितीये तल का संरचना एवं ईट जोड़ाई कार्य पूर्ण एवं विद्युत का कार्य प्रगति पर है।
(6) बालक छात्रवास के प्रथल तल का ढलाई कार्य पूर्ण एवं भूतल में ईट जोड़ाई का कार्य प्रगति पर है। (7) चाहरदिवारी का संरचना का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
इस योजना को 2026 के मार्च माह तक पूर्ण कर लिया जायेगा।
जिलाधिकारी के द्वारा भवन निर्माण विभाग के अभियंता सहित कार्य एजेंसी को तय सीमा में संपूर्ण परिसर को पूर्ण कर लेने का निर्देश दिया गया।




















