
अरणी मंथन के साथ श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ हुआ आरंभ, हमें अनेकता में भी एकता रखना चाहिए: – श्री जीयर स्वामी जी महाराज
रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट
दावथ (रोहतास) सूर्यपुरा प्रखंड के अगरेड़ खुद गांव में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में मंगलवार को 51 कुंडीय महायज्ञ में अरणी मंथन के साथ पूजा प्रारंभ हुआ। अरणी मंथन के अवसर पर यज्ञशाला में अग्नि देव को वैदिक मंत्रों के साथ प्रकट किया गया। श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में अरणी मंथन के बाद सभी भक्त श्रद्धालु यज्ञ भगवान की परिक्रमा करते हैं।
वहीं दोपहर 12:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक निरंतर अलग-अलग जगह से आए हुए जगतगुरु आचार्य के द्वारा श्रीमद् भागवत कथा श्रीराम कथा भी श्रवण कराया जा रहा है। वहीं झारखंड की धरती से पधारे योग गुरु के द्वारा योग भी सुबह में आरती के बाद सिखाया जा रहा है। जिससे व्यक्ति योग सिख करके अपने आप को फिट रख सकते हैं।
प्रवचन पंडाल में भक्त श्रद्धालु सुबह में मंगल आरती के बाद निरंतर कथा श्रवण कर रहे हैं। जिसमें सूर्यपुरा ,,दावथ दिनारा प्रखंड के आसपास के जितने भी गांव हैं, उन सभी गांव के सभी लोग बहुत श्रद्धा भाव के साथ यज्ञ में कथा का श्रवण एवं बाहर से आने वाले लोगों के सेवा में भी तत्परता दिखा रहे हैं।
वहीं 1 जनवरी 2026 को अगरेड़ गांव में बिहार सहित अलग-अलग राज्यों से भी भक्त श्रद्धालुओं का आगमन होने वाला है। जिसको लेकर के भी सभी प्रकार की तैयारी हो रही है।

वहीं भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि हमें अनेकता में भी एकता रखना चाहिए। हम भले ही अलग-अलग लोगों के पुत्र भाई बहन या रिश्तेदार हो सकते हैं, लेकिन हमें एकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
क्योंकि हम सभी लोग उन परमात्मा के ही अंश हैं। परमात्मा एक है, हमारा धर्म एक है, हमारा ईश्वर एक है, इसीलिए हम सभी को भी एकता के साथ अपने जीवन को जीना चाहिए।




















