विकसित गांव की संकल्पना को पूरा करेगा “जी राम जी अधिनियम- 2025” सांसद राधा मोहन सिंह

विकसित गांव की संकल्पना को पूरा करेगा “जी राम जी अधिनियम- 2025” सांसद राधा मोहन सिंह
रिपोर्ट सुजीत कुमार
मोतिहारी: जिला ग्रामीण विकास अभिकरण पूर्वी चंपारण मोतिहारी के द्वारा आज मोतिहारी स्थित महात्मा गांधी प्रेक्षा गृह में विकसित भारत जी राम जी अधिनियम- 2025 से संबंधित व्यापक जानकारी उपलब्ध कराने को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें माननीय सांसद पूर्वी चंपारण श्री राधा मोहन सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में माननीय विधायक मोतिहारी श्री प्रमोद कुमार, माननीय विधायक हरसिद्धि श्री कृष्णनंदन पासवान,माननीय विधायक पिपरा श्री श्याम बाबू प्रसाद यादव, उप महापौर डॉ लालबाबू प्रसाद गुप्ता, श्री ललन चौधरी राज्य अध्यक्ष मछुआरा आयोग बिहार, श्री पवन राज, श्री दीपक पटेल सहित उप विकास आयुक्त डॉ प्रदीप कुमार, सहायक समाहर्ता स सुश्री प्रिया रानी, निदेशक डीआरडीए (एनईपी) डॉ कुंदन कुमार एवं पूर्वी चंपारण जिला के पांच प्रखंड- मोतिहारी, कोटवा,पिपराकोठी, तुरकौलिया, चकिया के पंचायत स्तरीय जन प्रतिनिधिगण से लेकर प्रखंड प्रमुख तथा ग्रामीण विकास विभाग के सभी पदाधिकारी एवं कर्मिंगण उपस्थित थे।
कार्यशाला के प्रारंभ में सर्वप्रथम उप विकास आयुक्त के द्वारा माननीय सभी अतिथिगण का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधि गण, पदाधिकारी एवं कार्मिगण को संबोधित करते हुए माननीय सांसद श्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)एक्ट, 2025” विकसित गांव की संकल्पना को पूरा करने में सफल साबित होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने के लिए कार्य कर रही है। यह अधिनियम विकसित भारत अभियान को और गति प्रदान करेगा।
माननीय सांसद ने कहा कि यह नया अधिनियम मनरेगा अधिनियम का ही विकसित रूप है जो एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान करेगा।
नए अधिनियम में बेरोजगारी भत्ता को लेकर कड़ा प्रावधान किया गया है। एक सप्ताह के अंदर अगर मजदूरी का भुगतान नहीं होता है तो ठीक 15 दिन के बाद ब्याज के साथ मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस अधिनियम में कार्य का दायरा भी बढ़ाया गया है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पंचायती राज व्यवस्था और सुदृढ होगी। माननीय सांसद ने कहा कि जल से संबंधित ग्रामीण स्तर पर सभी कार्यक्रम, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, जीविका, प्रतिकूल मौसम में रिलीफ का कार्य, आपदा प्रबंधन आदि विषयों को भी इसमें शामिल किया गया है।
कार्यशाला में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधि गण से माननीय सांसद ने आह्वान किया कि आप अच्छे से इस अधिनियम को पढ़ें और इसे आत्मसात करें ।यह आपके लिए जरूरी है। अच्छी जानकारी रखने पर ही इसका अच्छा परिणाम सामने आ पाएगा।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त के द्वारा बताया गया भारतीय संसद के द्वारा हाल ही में यह अधिनियम पारित किया गया है जो देश के ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है।
इस नए अधिनियम में रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़कर 125 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को 125 दिनों की मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान करेगा।
इस अधिनियम की खास बातें यह है की कई बार मजदूरी में देरी होने की शिकायतें मिलती थी परंतु यदि अब मजदूरी में देरी होती है तो प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा मजदूरी के साथ दिया जाएगा। इसमें पारदर्शिता रखी जाएगी और यह संपूर्ण व्यवस्था डिजिटल होगी।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि इस अधिनियम के अंतर्गत कार्यों की आयोजन ग्राम पंचायत के माध्यम से की जाएगी जिन्हें ग्राम पंचायत ही तैयार करेंगे।
नए अधिनियम में प्रशासनिक मद में भी राशि बढ़ाई गई है और इसकी सीमा 6 प्रतिशत से बढ़कर 9% कर दी गई है जिससे ग्राम रोजगार सेवक, फील्ड अस्सिटेंट एवं तकनीकी सहायकों की सेवाएं सुरक्षित रह सकेगा और उनका क्षमता विकास होगा जिससे योजना का संचालन और सुगम होगा।
जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं प्रखंड स्तर पर कार्यक्रम पदाधिकारी इस योजना के संचालन के उत्तरदाई होंगे।
ग्राम पंचायत श्रमिकों का पंजीकरण करने, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने तथा कार्यों की प्राथमिकता के आधार पर कम से कम 50% कार्यों के निष्पादन के लिए उत्तरदाई होगा। ग्राम सभा के माध्यम से ही इस संपूर्ण कार्यक्रम का नियमित सामाजिक अंकेक्षण भी किया जाएगा।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि इस अधिनियम के अंतर्गत मजदूरी कि दर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाएगी तब तक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित मजदूरी दर ही लागू मानी जाएंगे।
आज के कार्यशाला में निदेशक डीआरडीए एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) के द्वारा कार्यशाला में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारी/ कर्मीगण को व्यापक प्रशिक्षण दिया गया।




















