
नगर परिषद् नोखा में खुले में शौच पर सख्ती, स्वच्छता को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति लागू
रोहतास नोखा संवाददाता मंटू कुमार की रिपोर्ट
नोखा नगर परिषद् को खुले में शौच मुक्त घोषित किए जाने के बाद अब इस उपलब्धि को स्थायी रूप देने के लिए नगर प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देने और नगर को स्वस्थ, सुंदर एवं रोगमुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक जन-जागरूकता अभियान के साथ-साथ नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की घोषणा की गई है।
नगर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नगर क्षेत्र में खुले में शौच, मूत्र त्याग अथवा गंदगी फैलाने की किसी भी घटना को गंभीरता से लिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति खुले में शौच करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 269 एवं 336 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इसके अंतर्गत दोषी पर 500 रुपये तक का जुर्माना, कारावास अथवा दोनों का प्रावधान है। प्रशासन का मानना है कि खुले में शौच न केवल शहर की स्वच्छता को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इससे संक्रामक रोगों के फैलने की भी आशंका बढ़ जाती है, जो पूरे समाज के लिए खतरा है।
इसी क्रम में खुले में मूत्र त्याग करने वालों पर 100 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने, पान-गुटखा या तंबाकू का सेवन कर उसके पैकेट इधर-उधर फेंकने तथा सार्वजनिक स्थलों पर थूकने वालों से भी नियमानुसार दंड और जुर्माना वसूला जाएगा। नगर परिषद् की टीम नियमित रूप से निगरानी करेगी, ताकि स्वच्छता नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
नगर परिषद् के कार्यपालक पदाधिकारी सुजीत कुमार ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। नगर परिषद् का उद्देश्य दंड के माध्यम से लोगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाना है। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे शौचालय का उपयोग करें, गंदगी न फैलाएं और अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखें।
नगर प्रशासन की इस सख्ती से यह उम्मीद की जा रही है कि लोग नियमों का पालन करेंगे और नोखा नगर परिषद् क्षेत्र स्वच्छता के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा। स्वच्छ नगर, स्वस्थ जीवन। इसी संकल्प के साथ नोखा अब स्वच्छता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।




















