[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

चंदौली में डिजिटल जनगणना के लिए जिलाधिकारी ने किया प्रशिक्षण का उद्घाटन, 1000 कर्मी सीखेंगे बारीकियांसम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर एनडीए समर्थकों ने पटाखे फोड़कर एवं मिठाईयां बांटकर मनाई खुशियांअरवल पुलिस को मिली बड़ी सफलता, हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट सहित हत्या के साथ दर्जन से अधिक कांडों के इनामी कुख्यात अपराधी गिरफ्तार मोतिहारी: VWDCS से संबंधित विधिक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजनबिहार प्रदेश सचिव जेडीयू अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के नेता संजय चंद्रवंशी उर्फ भोला जी के जन्मदिन पर बाधाओं के लगा होड़..मोतिहारी के गांधी ऑडिटोरियम के कैंपस में शुरू हुआ 18 अप्रैल तक के लिए रक्षा उपकरणों का मॉडल प्रदर्शनीफिर एक बेटी को रेप कर मार दिया गया: रामबली सिंह यादव, पूर्व विधायक घोसीअरवल सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा का कदाचार मुक्त एवं शांतिपूर्ण संचालन हेतु व्यापक तैयारीभारत रत्न डॉ॰ भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती समारोह का भव्य आयोजनजन सुराज के अरवल कर्पूरी मंच प्रभारी बने वीरेंद्र चंद्रवंशी
बिहारराज्यसमस्तीपुर

दवा खाते ही बेसुध हुई छात्रा, स्कूल में मचा हड़कंप; समय पर इलाज से टला बड़ा खतरा

दवा खाते ही बेसुध हुई छात्रा, स्कूल में मचा हड़कंप; समय पर इलाज से टला बड़ा खतरा

राम कुमार ब्यूरो प्रमुख समस्तीपुर 

समस्तीपुर । जिले के विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सैदपुर में गुरुवार को सरकारी अभियान के तहत दवा खाने के बाद तीसरी कक्षा की एक छात्रा अचानक बेसुध हो गई। इस घटना से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्कूल प्रशासन की मुस्तैदी के कारण छात्रा को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उपचार के बाद उसकी स्थिति अब सामान्य और खतरे से बाहर बताई गई है।

दवा खाने के कुछ देर बाद हुई अचेत

जानकारी के अनुसार, सरकारी निर्देशानुसार विद्यालय में बच्चों को एल्बेंडाजोल एवं डीईसी की टेबलेट खिलाई जा रही थी। दवा सेवन के कुछ ही समय बाद गांव के बबलू दास की पुत्री और कक्षा तीन की छात्रा आंचल कुमारी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। छात्रा की बिगड़ती हालत देख शिक्षकों के हाथ-पांव फूल गए, लेकिन उन्होंने बिना समय गंवाए उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विभूतिपुर में भर्ती कराया।

चिकित्सकों ने दो घंटे रखा निगरानी में

अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सरफराज आलम एवं डॉ. तुषांत ने छात्रा का त्वरित उपचार शुरू किया। चिकित्सकों ने बताया कि छात्रा को प्राथमिक उपचार के साथ ओआरएस का घोल दिया गया। करीब दो घंटे तक उसे सघन निगरानी में रखा गया।

उपचार के बाद छात्रा की स्थिति पूरी तरह स्थिर हो गई और उसे होश आ गया।

चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल छात्रा पूरी तरह सुरक्षित है और घबराने की कोई बात नहीं है।

परिजनों में चिंता, बच्चों में दहशत

जैसे ही घटना की सूचना मिली, छात्रा के परिजन बदहवास होकर अस्पताल पहुंचे। इधर, विद्यालय में इस घटना के बाद अन्य बच्चों और अभिभावकों में दहशत फैल गई। डर के मारे कई बच्चों ने दवा खाने से इनकार कर दिया। स्कूल के शिक्षक संजय कुमार सिंह सहित अन्य कर्मियों ने अस्पताल पहुंचकर छात्रा का हालचाल जाना और परिजनों को ढांढस बंधाया।

चिकित्सकों की सलाह

दवा खाने के बाद कभी-कभी बच्चों में घबराहट या मामूली प्रतिक्रिया हो सकती है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।

Check Also
Close