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उत्तर प्रदेश सरकार के पाठ्यक्रम में शामिल हुआ डॉ. अभिषेक के लिखे निबंध

उत्तर प्रदेश: समाज हित में अद्भुत और अकल्पनीय लेखन से राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक मुकाम हासिल कर चुके विकास खण्ड ठेकमा (आजमगढ़) के ब्लॉक मिशन प्रबंधक डॉ. अभिषेक कुमार जिनके द्वारा लिखे गए निबंध

 “विद्यार्थी एवम् अनुशासन” उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यमिक शिक्षा परिषद् द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम कक्षा 10, 11 एवं 12 वीं के नवीनतम पाठ्यपुस्तक में शामिल किया गया है। आज के युग में विद्यार्थियों में अनुशासन का होना उतना ही आवश्यक है जितना कलम में स्याही।

डॉ. अभिषेक द्वारा लिखे गए इस आलेख पठन से विद्यार्थियों को निश्चित ही उनके मानसिक मनोवृति में बदलाव होगा तथा वे पढ़ लिख कर समाज में जब आयेंगे तो उनके अंदर नैतिकता, शालीनता, विनम्रता, एकाग्रता, ईमानदारी और मानवीय मूल्यों से लबरेज होंगें।

ज्ञात हो की यह निबंध उत्तर प्रदेश के लगभग लाखों विद्यार्थियों को उनके विद्यालयों में पढ़ाया जा रहा है और परीक्षा में इससे संबंधित प्रश्न भी पूछे जायेंगें। किसी भी लेखक के लिए पाठ्यक्रम में शामिल होना असाधारण और एक बड़ी उपलब्धि है।

डॉ. अभिषेक ने इस अप्रतिम उपलब्धि के लिए विशेष कृतज्ञता जाहिर किया है सौहार्द शिरोमणि डॉ. सौरभ जी महराज एवं नगीन प्रकाशन के संपादक सर्वेश कान्त वर्मा जी का जिन्होंने पाठ्यपुस्तक में लेखन हेतु मनोबल ऊंचा किया और राजकीय मान्यता प्राप्त लेखन के शीर्ष ऊंचाइयों पर स्थापित कराने में अपनी महत्ती भूमिका अदा की।

बताते चले की डॉ. अभिषेक द्वारा 20 से अधिक पुस्तक और सैंकड़ों समाजोपयोगी आलेख लिखे गए है जो दिव्य प्रेरक कहानियाँ के वेबसाइट पर प्रकाशित है।

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