
अरवल जिले के सोनभद्र वंशी सूर्यपुर प्रखंड में मात्र 48 किसानों ने गेंहू बेचने के लिए किया रजिशटेशन
अरवल जिला ब्यूरो बिरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट
अरवल..अरवल जिले के सोनभद्र वंशी सूर्यपुर प्रखंड में एक भी किसान का गेहूं की खरीदारी नही हुई हैं.उक्त बातें प्रखंड वी. सी. ओ. मनोज कुमार शर्मा ने दी. इन्होंने बताया कि सरकार का समर्थन मूल्य 2425 रुपए गेहूं की खरीदी करनी है।
गेंहू की ख़रीदी करने के लिए सभी पैक्स को लक्ष्य के अनुरूप गेहूं की खरीदारी किसानों से करनी है. इन्होंने बताया कि सभी पैक्स को कम से कम दस दस क्विंटल गेंहू खरीद करने की लक्ष्य दी गयी है।
पूछ जाने पर बताया कि आज एक भी किसान से गेहूं खरीदी नही हुई है. गेंहू बेचने के लिए 48 किसानों का रजिशटेशन हो चुकी है जिसमें रैयत किसान 37 तथा ग़ैररैयत किसान 11 लोगों ने गेंहू समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए अपना रजिशटेशन करवा चुके है।
जिसमें सोनभद्र पंचायत से 1 किसान अनुआ पंचायत से 1 किसान शेरपुर पंचायत से 5 किसान खटांगी पंचायत से 9 किसान बलौरा से 10 किसान खडासीन पंचायत से 22 किसानों ने गेंहू सरकारी समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए रजिशटेशन किया है।
वही सोनभद्र पंचायत पैक्स अध्यक्ष अमन कुमार ने बताया कि सोनभद्र पंचायत में एक किसान का रजिशटेशन हुई है. इन्होंने कहा कि सोनभद्र पंचायत में किसानो का धान की खरीदारी भी नही हुई थी।
सरकार ने सोनभद्र पंचायत में कोरम का अभाव बता कर किसानों का धान नही खरीदी. ना किसानों का गेंहू की खरीदी होगी. सोनभद्र पंचायत के किसानों ने जिला प्रशाशन तक दौड़ लगाए. लेकिन किसानों का ना धान की खरीदी हुई. ना गेंहू की खरीदारी होगी।
वही माली पंचायत पैक्स अध्यक्ष वकील कुशवाहा शेरपुर पैक्स अध्यक्ष मंजय कुशवाहा खडासीन पैक्स अध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा समेत अन्य पैक्स अध्यक्ष से पूछे जाने पर बताया कि सरकार पैक्स को आज तक सी .सी . में एक रुपए नही दी है।
तो गेंहू की खरीदारी कैसे होगी. पैक्स अध्यक्ष वकील कुशवाहा ने बताया कि सरकार जैसे ही सी सी पर राशि भेजेगा तो किसानों से गेंहू का समर्थन मूल्य पर खरीदारी की जाएगी।
समाचार प्रेषण तक सोनभद्र वंशी सूर्यपुर प्रखंड में एक किलो भी गेंहू की खरीदी पैक्स अध्यक्ष नही की है. जो किसानों के लिए गम्भीर मामला हैं. किसान औने पौने दाम पर गेहूं बेचने को मजबूर है।
क्या कहते है किसान
किसान श्री से सम्मानित सोनभद्र निवासी सरदार रणविजय सिंह ने बताया कि प्रखंड में गेंहू की खेती का कटोरा कहा जाता है।
किसानों को सरकार का समर्थन मूल्य 24 25 रुपए है. जबकि बाजारों में गेहूं का मूल्य ज्यादा है . किसान सरकारी रेट पर बेचना नही चाह रहे है. यही कारण है कि किसान अपना गेंहू बाजारों में बेचने को मजबूर है।




















