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अब विधायकों का जिलों में टाइट होगा भौकाल, अफसरों से लेंगे विकास कार्यों का लेंगे हिसाब

यह समिति जिले में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लेगी और उनके संचालन की दिशा, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।

वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की अध्यक्षता में बनेगी जिला स्तरीय समिति

जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि की अध्यक्षता में बनेगी समिति

जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति को मिलेंगे कई अधिकार

ऐसी चर्चा है कि योगी सरकार अपने विधायकों का भौकाल बढ़ाना चाहती है। सरकार जल्द ही विधायकों को अफसरों पर नकेल कसने का मौका देने जा रही है। जिले का सीनियर विधायक हर वित्तीय वर्ष में तिमाही आधार पर बैठकें आयोजित करके समीक्षा करेगा और संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश भी देगा।  इस आदेश का  30 दिनों के भीतर पालन सुनिश्चित कराना अनिवार्य होगा।

प्रदेश के विकास कार्यों में अब जनप्रतिनिधियों की सीधी भागीदारी और जवाबदेही तय की जा रही है। योगी सरकार ने निर्णय लिया है कि जिलों में संचालित विकास योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता के लिए अब जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति की कमान जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि — विधायक या विधान परिषद सदस्य — को सौंपी जाएगी।

यह समिति जिले में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लेगी और उनके संचालन की दिशा, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। समिति को यह अधिकार होगा कि वह किसी भी योजना में शिकायतों, अनियमितताओं, अपात्रों को लाभ देने और धनराशि के दुरुपयोग के मामलों की जांच कर सके और संबंधित विभागों को कार्रवाई की संस्तुति कर सके। संस्तुति मिलने के बाद 30 दिनों के भीतर कार्रवाई करना अनिवार्य होगा।

समिति में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को सचिव और जिला विकास अधिकारी (DDO) को संयोजक नियुक्त किया जाएगा। साथ ही, समिति को यह भी अधिकार होगा कि वह जांच के लिए किसी भी विषय को जिला स्तरीय अधिकारियों या जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (DRDA) को सौंप सके।

हर वित्तीय वर्ष में तिमाही आधार पर बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसमें योजनाओं की प्रगति और समस्याओं की समीक्षा होगी। इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि जिलों में योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी होगा और जनप्रतिनिधियों की भूमिका मजबूत होकर जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगी।

 

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