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“विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” के अवसर पर दानापुर रेल मंडल के दानापुर स्टेशन पर फोटो प्रदर्शनी का आयोजन

“विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” के अवसर पर दानापुर रेल मंडल के दानापुर स्टेशन पर फोटो प्रदर्शनी का आयोजन

जमुई जिला ब्यूरो बिरेंद्र कुमार की रिपोर्ट 

 आज दानापुर स्टेशन पर,मंडल रेल प्रबंधक, दानापुर श्री विनोद कुमार तथा अधिकारियों द्वारा फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक ने अपने संबोधन में कहा कि आप सभी भली – भांति जानते हैं कि 15 अगस्त को देश को अंग्रेजों से आजादी तो मिली लेकिन साथ-साथ देश को बंटवारे की भीषण त्रासदी भी झेलनी पड़ी।

14 अगस्त 1947 की तारीख भारतीय इतिहास के वेदना, त्रासदी को व्यक्त करता है जो विभाजन के कारण झेलनी पड़ी थी । जब एक तरफ 200 वर्षों की गुलामी के बाद आजादी मिलने वाली थी तो वहीं दूसरी ओर देश के दो टुकड़े हो रहे थे।

देश के बंटवारे की लकीर खींचते ही रातों-रात अपने ही देश में लाखों लोग बेगाने और बेघर हो गए। लाखों लोग इस पार से उस पार जाने को मजबूर हुए । लाखों लोगों का घर – बार छुटा, परिवार छुटा, खेत- खलिहान छुटा, भाई- भाई से बिछड़ गए तथा लाखों की जानें गई।

देश के लिए यह विभीषिका से कम नहीं थी। इसी दर्द और पीड़ा को याद करते हुए 14 अगस्त 2022 से आजादी की सालगिरह से एक दिन पहले हम लोग इस विभाजन विभीषिका के स्मृति दिवस के तौर पर स्मरण करते हैं।

बंटवारे की विभीषिका में भारतीय रेल की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता । उस समय भारतीय रेल ने 15 अगस्त 1947 से 8 सितंबर 1947 के बीच लगभग सात लाख शरणार्थियों को लाने और ले जाने का काम पैसेंजर और मालगाड़ियों के द्वारा किया। जब मानवता तार-तार हो रही थी तो रेल ने लोगों के जान-माल को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।

आज यहां विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के दिन फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है ताकि देश की युवा पीढ़ी उस दंश, वेदना, विभीषिका एवं पलायन कि मानवीय त्रासदी को जान सके तथा इतिहास से यह सीख सके की आपसी प्रेम एवं भाईचारा मानव सभ्यता के लिए अति महत्वपूर्ण है।

इस मौके पर मंडल साँस्कृतिक संघ, दानापुर द्वारा उपस्थित लोगों के बीच विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से जागरूकता फैलाई गई।

इस अवसर अपर मंडल रेल प्रबंधक सहित सभी शाखा अधिकारी, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

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