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“15 साल पुराने बुढ़वल हत्याकांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पांच आरोपी बरी”

“15 साल पुराने बुढ़वल हत्याकांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पांच आरोपी बरी”

रोहतास तिलौथू संवाददाता रोहित कुमार की रिपोर्ट 

रोहतास जिले के चर्चित बुढ़वल गांव हत्या कांड में पटना हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उम्रकैद की सजा पाए पांच आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। यह मामला काराकाट थाना कांड संख्या-94/2005 से जुड़ा था।

मामले में आरोप था कि 31 अगस्त 2005 की शाम बृज बिहारी सिंह अपने घर से निकले थे, तभी गांव के ही कुछ लोगों ने लाठी-डंडा और फरसा से हमला कर उनकी हत्या कर दी। मृतक के भतीजे रजनीश कुमार सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

पुलिस अनुसंधान के बाद छह अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था। ट्रायल के दौरान एक अभियुक्त पप्पू सिंह को साक्ष्य के अभाव में पहले ही बरी किया गया था, जबकि शेष पांच को निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

पटना हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद और न्यायाधीश सौरेन्द्र पाण्डेय शामिल थे, ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद निचली अदालत का फैसला पलटते हुए दामोदर सिंह, नागेंद्र दुबे, अजय सिंह, मधुवन सिंह और मुन्ना सिंह की तत्काल रिहाई का आदेश दिया।

अपील सुनवाई के दौरान अभियुक्तों की ओर से वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा, अधिवक्ता उमेश नारायण दुबे और प्रतीक मिश्रा ने दलील दी कि साक्षियों ने न तो घटनास्थल का सटीक विवरण दिया और न ही हत्या के हथियार के बारे में कोई ठोस गवाही दी।

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोप राजनीतिक विद्वेष का परिणाम हैं। खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि अभियोजन पक्ष ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य पेश करने में असफल रहा है। इसी आधार पर कोर्ट ने पांचों अभियुक्तों को बरी कर दिया।

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