
जब नदी निगल लेती है पूरा गांव यह दृश्य आपको रुला देगा
वैशाली संवाददाता प्रभंजन कुमार की रिपोर्ट
वैशाली: गंगा का कहर सबलपुर दियारा पर एक बार फिर टूट पड़ा है. पश्चिमी पंचायत के नौघरवा गांव में गंगा नदी का भीषण कटाव जारी है, जिससे अब तक 400 से अधिक पक्के घर और इमारतें नदी में समा चुकी हैं।
जो ढांचे गांव की रक्षा के लिए रिंग बांध की तरह खड़े थे, वे भी अब नदी की तेज धार में विलीन हो गए हैं. पूरा इलाका अब खुली आपदा के सामने है और ग्रामीण दहशत के साए में जी रहे हैं.
कटाव की चपेट में आए लोग अपने उजड़े घर-आंगन को दूर से लाचार निगाहों से देखते रह जाते हैं. कई परिवारों का जमीन, घर और कारोबार सबकुछ गंगा में बह चुका है।
दो-मंजिला मकान तक नदी में समाहित हो गए हैं. पिछले दो महीने से ग्रामीण इस संकट को झेल रहे हैं, लेकिन अब हालात और भयावह हो चुके हैं.प्रभावित लोग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
उनका कहना है कि न तो अब तक कोई अधिकारी हालात का जायजा लेने आया और न ही कोई राहत या पुनर्वास की ठोस व्यवस्था की गई है. बेघर हुए परिवारों के लिए न रहने की जगह है, न ही खाने-पीने की सुविधा. ग्रामीणों का कहना है कि दिन हो या रात, हर वक्त वे दहशत में जी रहे हैं.
गंगा का कटाव उनकी जिंदगी की पूरी बुनियाद को निगल रहा है, लेकिन प्रशासन की उदासीनता ने उनके संकट को और गहरा कर दिया है.यह आपदा सिर्फ मकानों और जमीन की बर्बादी नहीं, बल्कि हजारों लोगों के भविष्य और आजीविका पर मंडरा रहा गंभीर खतरा बन चुकी है.




















