
प्राचीन देवढी धाम शिव मंदिर में श्री जीयर स्वामी जी महाराज ने भक्तों को कथा अमृत पान कराए
रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट
दावथ (रोहतास) दावथ प्रखंड के देवढी धाम में प्राचीन और ऐतिहासिक शिव मंदिर में पधारे विख्यात संत श्री श्री 1008 त्रिदंडी स्वामी के कृपापात्र लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज लोगों को कथामृत पान कराए उन्होंने भक्तों को कलयुग में राम नाम के महत्व को बताते हुए संस्कार के साथ जीवन व्यतीत करने की नसीहत दी।
उन्होंने कहा कि कलयुग में नाम सुमिरन का बड़ा महत्व है। तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में लिखा है कलयुग केवल नाम अधारा। सुमिरि सुमिरि नर उतर¨ह पारा। मानव के कल्याण का श्रेष्ठ आधार प्रभु के नाम का जप करना है। अनेको लोग प्रभु की कृपा को प्राप्त किए हैं।
आप भी नाम जप कर भगवान के धाम को प्राप्त करेंगे। भगवान श्री कृष्ण के यहां सनकादि, नारद जी, व्यास जी जैसे बड़े बड़े संत महात्मा पधारे थे। भगवान ने अपने उपदेश में कहा कि केवल जल रूपी गंगा ही तीर्थ नहीं है।
मिट्टी या पत्थर की शिलाएं ही केवल देवता नहीं है। तीर्थ और देवता बहुत दिनों तक सेवा करने वालों को पवित्र करते हैं। परंतु संत महात्मा शीघ्र ही सब को पवित्र करते हैं। अर्थात वास्तविक देवता व तीर्थ तो संत ही हैं।
यह दर्शन मात्र से ही लोगों को पवित्र कर देते हैं। महापुरुषों की सेवा एक दो घड़ी भी की जाए तो वे अपने सेवक के सारे पाप नष्ट करते हैं। भेदभाव भी मिटा देते हैं।




















