[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

यात्री गण कृपया ध्यान दें! रेलवे करेंगी ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का कार्य। झाझा, किऊल, जसीडीह, बाढ़ मोकामा, जाने वाले यात्री ये खबर जरूर पढ़ें।सुगौली बैंक परिसर से आर्मी जवान की मोटरसाइकिल चोरी, CCTV और चौकीदार के बावजूद वारदातरक्सौल, बैरगनिया और सीतामढ़ी वालों को बड़ी राहत, चलेगी फिरोजपुर झंझारपुर ग्रीष्मकालीन स्पेशलराजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय बैरगनिया में प्रभारी प्रधानाध्यापक श्यामबाबू पाल के अध्यक्षता में वार्षिकोत्सव हुआ सम्पन्न।निजी विद्यालयों के शुल्क पर प्रमंडलीय आयुक्त महोदय के आदेश के अनुपालन की मानक संचालन प्रक्रियाप्रस्तावित एयरस्ट्रिप की व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार कर संबंधित विभाग को भेजा गया: डीएम मोतिहारीजैनिथ सौशल फाउंडेशन के जिला महासचिव पीयूष कुमार को मिली प्रशंसाबटिया निवासी समाज सेवी लल्लू बरनवाल के 70 वर्षिय पिता का हृदय गति रुकने से हुई निधनजमुई जिला के सभी नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति के गठन हेतु निर्वाचन की तिथि घोषित।15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक जिले के सभी विद्यालयों का व्यापक निरीक्षण एवं अनुश्रवण अभियान संचालित किया जाएगा: डीएम मोतिहारी
पूर्वी चम्पारणबिहारराज्य

पताही प्रखंड के पदुमकेर का ऐतिहासिक घोड़दौड़ पोखर बनेगा नया पर्यटन केंद्र, गाद निकालने व गहराई बढ़ाने का काम हुआ शुरू

पताही प्रखंड के पदुमकेर का ऐतिहासिक घोड़दौड़ पोखर बनेगा नया पर्यटन केंद्र, गाद निकालने व गहराई बढ़ाने का काम हुआ शुरू

मोतिहारी: पताही प्रखंड के पदुमकेर स्थित ऐतिहासिक घोड़दौड़ पोखर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के बाद इसके कायाकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। पर्यटन विभाग की ओर से पोखर की खुदाई एवं साफ-सफाई का कार्य प्रारंभ करा दिया गया है। विभागीय देखरेख में पोकलेन मशीन के माध्यम से पोखर से गाद निकालने और गहराई बढ़ाने का काम शुरू किया जा रहा है।

करीब 750 वर्ष पुराना यह विशालकाय घोड़दौड़ पोखर लगभग 7 किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है और ऐतिहासिक दृष्टि से इसका विशेष महत्व रहा है। जनश्रुति के अनुसार, प्राचीन काल में राजा शिवजी सिंह द्वारा वहां भव्य महायज्ञ किया गया था।

उस यज्ञ को लेकर राजा द्वारा तीन विशाल पोखरा का निर्माण कराया गया था। महायज्ञ में भारतवर्ष से पहुंचे राजा महाराजाओं के घोड़ा को घोड़दौड़ कराया था। जिस कारण इसका नाम घोड़दौड़ पोखर पड़ा।

दशकों वर्ष से उपेक्षित पड़े इस जलाशय के पुनरुद्धार से क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है। इस ऐतिहासिक पोखर को पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाने में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप के पौत्र वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी प्रकाश सिंह की अहम भूमिका रही है।

उनकी पहल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान 24 दिसंबर 2024 को मोतिहारी में इसे औपचारिक रूप से पर्यटन स्थल घोषित किया था। पर्यटन स्थल घोषित होने के बाद पर्यटन विभाग एवं जल संसाधन विभाग द्वारा लगभग 24 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

इस राशि से पोखर की खुदाई, सौंदर्याकरण, पर्यटक सुविधाओं के विकास आदि का कार्य किया जाएगा। कार्य शुरू होते ही प्रखंड सहित जिला वासियों में खुशी का माहौल है। पोखर में खुदाई कार्य को देखने के लिए वहां आसपास के गांव के लोगों की भीड़ लग रही है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि घोड़दौड़ पोखर के विकसित होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बेरोजगार को रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

इस पुनीत कार्य के लिए पदुमकेर ग्रामीणो की तरफ से पत्रकार नवेन्दु कुमार ने वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी प्रकाश सिंह, डॉ ललन सिंह व जदयू नेता चन्द्रभूषण सिंह को कोटी कोटी धन्यवाद दिया है।

Check Also
Close