
सेवानिवृत कैप्टन विनय तिवारी का गांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
युवाओं को देशहित में मार्गदर्शन देने का प्रयास करूंगा:- विनय तिवारी
स्व मधुसूदन तिवारी के पुत्र हैं विनय तिवारी, घर वापसी बना उत्सव का माहौल
रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट
दावथ (रोहतास)। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कैप्टन विनय कुमार तिवारी का गुरुवार को उनके पैतृक गांव दावथ में भव्य स्वागत किया गया। जैसे ही विनय कुमार तिवारी दावथ गांव के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले बिठवा के पास पहुंचे।
गांव एवं इसके आसपास के सैकड़ों लोग गाजे-बाजे के साथ उनका स्वागत करने के लिए जुलूस के रूप में एकत्रित हो गए। बैंड बाजे और घोड़े के साथ कैप्टन तिवारी को पूरे गांव का भ्रमण कराया गया जहां लोगों ने फूल की वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया।
कैप्टन विनय कुमार तिवारी ने लोगों के द्वारा किए गए इस स्वागत को लेकर कहा, “हमारा गांव छोटा जरूर है, लेकिन यहां के लोगों का दिल बहुत बड़ा है। सभी ने मेरे सेवानिवृत्ति को एक उत्सव के रूप में मनाया, और यह पल मुझे जीवन भर याद रहेगा।
उन्होंने बताया कि मैं 1995 में देश सेवा के लिए गया था और 30 साल की सेवा के बाद आज जो स्वागत मुझे मिला, वह मेरे लिए बहुत विशेष है। मैंने कारगिल युद्ध में भाग लिया और ईमानदारी से देश की सेवा की है।
अब मैं गांव के लोगों के लिए काम करूंगा और युवाओं को देशहित में मार्गदर्शन देने का प्रयास करूंगा। इस अवसर पर जवान की मां एवं पत्नी भी भावुक हो गईं। जब की अपने पिता स्व मधुसूदन तिवारी को याद कर विनय तिवारी भावुक हो गए।
समाजसेवी सत्येन्द्र सिंह मंत्री ने इस अवसर पर कहा, “आज भी भारतीय सेना के जवानों पर हमें गर्व है। देश के सभी लोग सेना पर गर्व महसूस करते हैं। आपने कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और मैं आपको सैल्यूट करता हूं।
इस अवसर पर उनके भाई विजय तिवारी, सीआईएसफ में कार्यरत विनोद तिवारी, सीआईएसफ में कमांडेंट वीरेंद्र तिवारी, मोदा नारायण तिवारी, , मोहन तिवारी, आचार्य रामजी तिवारी, भोलानाथ मिश्रा,शिक्षक शंभू नाथ मिश्रा, अंजनी पाठक,बनजी तिवारी, शिवजी तिवारी,गुड्डू सिंह, बिजेंद्र सिंह, विक्की श्रीवास्तव, राजू लाल शशि भूषण सिंह, धुनमुन सिंह, शिव शंभू सिंह, पूर्व बीडीसी परवेज सिद्दीकी रामेश्वर गिरी, मदन प्रसाद, बीटू तिवारी,सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे।




















