
बिहार सरकार की अपील बेअसर, 300 सीओ-राजस्व अधिकारी अभी भी हड़ताल पर…
पटना: बिहार राजस्व सेवा संयुक्त महासंघ ने बुधवार को स्पष्ट किया कि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के आग्रह के बावजूद करीब 300 अंचलाधिकारी (सीओ) और राजस्व अधिकारी अभी भी काम पर नहीं लौटे हैं। संघ ने सरकार के दावे को पूरी तरह गलत बताया है।
संघ के महासचिव रजनीकांत और महामंत्री जितेन्द्र पांडेय ने कहा, “सीओ और राजस्व अधिकारी अभी हड़ताल पर हैं। कोई सामूहिक अवकाश से वापस नहीं लौटा है। सरकार का दावा निराधार है।”
9 मार्च से चली आ रही अनिश्चितकालीन हड़ताल की वजह डीसीएलआर (डिप्टी कलेक्टर लैंड रेवेन्यू) पद पर बिहार प्रशासनिक सेवा (बीएएस) अधिकारियों की पोस्टिंग है।
संघ की मुख्य मांग है कि इस पद को बिहार राजस्व सेवा संवर्ग में बहाल किया जाए और कैबिनेट का संबंधित फैसला वापस लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी और सभी अधिकारी सामूहिक अवकाश पर बने रहेंगे।
संघ का आरोप है कि सरकार हाईकोर्ट के आदेश का भी अनुपालन नहीं कर रही। पदस्थापन के बाद ही सामूहिक अवकाश समाप्त होगा।
सरकार का पक्ष: उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री विजय सिन्हा ने अपील की थी कि 24 घंटे में लौटने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी और हड़ताल की अवधि समायोजित कर दी जाएगी। उन्होंने कहा था कि सरकार टकराव नहीं, संवाद से जनहित के काम आगे बढ़ाना चाहती है।
हड़ताल के कारण राजस्व कार्यों, भूमि सर्वेक्षण और मार्च के राजस्व महाअभियान पर असर पड़ रहा है। दोनों पक्षों में बातचीत जारी है, लेकिन फिलहाल कोई समाधान नहीं निकला है।




















