
SSB की अनोखी पहल: सेवा और कर्तव्य से जीत रहा है जनता का दिल, आज इस तपती गर्मी में लोगों की बुझाई प्यास
और हां जगाई मुहब्बत की आश।
जमुई जिला ब्यूरो डॉ. बिरेंद्र कुमार की रिपोर्ट
मेरे अनमोल, खूबसूरत, दर्शकों, जैसा कि आपको पता है? जब से SSB का जमुई में आगमन हुआ है तब से आप, हम सभी चैन से हैं।
आज SSB ने हजारों गरीबों को,ग्लूकोज,नींबू पानी,पिला कर लोगों के दिलों में ग्लूकोज की तरह सारे जबान उतर गए?
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं?बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा?
बता दें आपको ये सारे पुण्य के कार्य कार्यवाहक कमांडेंट, शैलेश कुमार सिंह ने करवाए हैं।
जैसे जैसे गरीबों के गले में ठंडा ठंडा पानी उतर रहा था वैसे वैसे जवानों के लिए गर्म गर्म दुआएं निकल रहीं थीं।
खबर विस्तार से आगे पढ़िए…
आज सुदूरवर्ती तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र में ‘सेवा, सुरक्षा, बंधुत्व’ के सिद्धांत को जीवंत करते हुए सशस्त्र सीमा बल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ हथियार उठाने के लिए नहीं, बल्कि मानवता निभाने के लिए भी है।
16 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, जमुई बिहार के कार्यवाहक कमांडेंट,शैलेश कुमार सिंह, के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी दिशा-निर्देश, तथा कंपनी कमांडर श्री रोहित कुमार सिंह जी की सजग निगरानी और प्रेरणादायक मार्गदर्शन में, सी कंपनी चरका पत्थर के जवानों ने तपती गर्मी में जनसेवा की अनूठी मिसाल पेश की।
जनसेवा का अनुकरणीय कार्य
राहगीरों तथा कलश यात्रा में शामिल लगभग 1 हजार पुरुष, महिला और बच्चों को नींबू पानी और ग्लूकोज पानी पिलाकर SSB के जवानों ने न सिर्फ प्यास बुझाई, बल्कि लोगों का दिल भी जीत लिया। यह कार्य अधिकारियों के संवेदनशील नेतृत्व और जवानों के समर्पण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
अधिकारियों की सराहनीय भूमिका
शैलेश कुमार सिंह और रोहित कुमार सिंह , जैसे अधिकारी न केवल रणनीति और सुरक्षा में निपुण हैं, बल्कि अपने कार्मिकों को समाज सेवा के लिए प्रेरित कर एक आदर्श भी स्थापित कर रहे हैं। इनके नेतृत्व में बल का मनोबल ऊँचा है और जनता का विश्वास भी अटूट है।

दोहरी भूमिका में उत्कृष्टता
SSB के जवान और अधिकारी नेपाल-भूटान बार्डर की रखवाली के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा में भी अदम्य साहस दिखा रहे हैं। एक समय था जब इस इलाके में गोलियों का जवाब गोलियों से देते हुए नक्सलियों को खदेड़ने और मार गिराने में भी हमारे जवानों ने कभी पीठ नहीं दिखाई। यह साहस सीधे-सीधे अधिकारियों के दृढ़ संकल्प और रणकौशल का परिणाम है।
विश्वास बहाली और मुख्यधारा में वापसी

रास्ता भटक गए बहुत सारे नौजवानों को मुख्यधारा में जोड़ने का श्रेय SSB के मानवीय दृष्टिकोण और अधिकारियों की सूझबूझ को जाता है। आज भी हमारे अधिकारी और जवान रात-दिन एक करके पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से ड्यूटी निभा रहे हैं, ताकि शांति बनी रहे।
यह पहल पूरे देश के लिए संदेश है: SSB के अधिकारी और जवान सुरक्षा के प्रहरी होने के साथ-साथ सेवा और विश्वास के सच्चे वाहक भी हैं। ऐसे समर्पित नेतृत्व और जवानों पर पूरे देश को गर्व है।


















