[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

ढाका बाजार में ट्रैफिक व्यवस्था सख्त, सुबह 8 से रात 8 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध!बिना नेता के कमरे में गयी 90% प्रतिशत महिला राजनीति में एंट्री नहीं कर सकती’, पप्पू यादव का विवादित ब्यान, महिला आयोग ने भेजा नोटिसदरभंगा राज की संपत्ति दखल करेगी बिहार सरकार, अंतिम महारानी के निधन के बाद शुरू हुई दखल प्रक्रिया, बनाई जा रही नई नियमावलीसैयदराजा पुलिस ने चोरी का किया खुलासा, 3 अभियुक्तों को दुधारी नहर से किया गिरफ्तारविरासत बचाने की गुहार: चकिया में गोंडवाना राजचिन्ह के संरक्षण के लिए आदिवासी समाज ने निकाली रैलीचंदौली में गर्मी का अलर्ट: पारा 42 डिग्री के पार, DM ने जारी की ‘लू’ से बचाव की गाइडलाइनचकिया तहसील अंतर्गत आने वाले गांव तिलौरी मोमबत्ती के सहारे गुजर रही है रात, सहमा-सहमा है गांव, घर और आँगन।पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अध्यक्ष में हुआ जदयू विधानमंडल दल की अहम बैठकरामगढ़ में पुलिस को बड़ी सफलता, अवैध हथियार बरामदSSB की अनोखी पहल: सेवा और कर्तव्य से जीत रहा है जनता का दिल, आज इस तपती गर्मी में लोगों की बुझाई प्यास
दरभंगाबिहारराज्य

दरभंगा राज की संपत्ति दखल करेगी बिहार सरकार, अंतिम महारानी के निधन के बाद शुरू हुई दखल प्रक्रिया, बनाई जा रही नई नियमावली

दरभंगा राज की संपत्ति दखल करेगी बिहार सरकार, अंतिम महारानी के निधन के बाद शुरू हुई दखल प्रक्रिया, बनाई जा रही नई नियमावली

 बिहार में ऐतिहासिक रियासतों की संपत्ति को लेकर सरकार अब निर्णायक स्थिति में दिख रही है. दरभंगा राज की विरासत पर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने दखल की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अंतिम महारानी के निधन और वसीयत न होने की स्थिति ने इस कार्रवाई को कानूनी आधार दे दिया है. मिली जानकारी के अनुसार, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कामसुंदरी देवी की संपत्ति को लेकर अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विभाग के अनुसार, महारानी के निधन के बाद उनकी संपत्ति के संबंध में कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी या कानूनी दस्तावेज सामने नहीं आया है. सरकार ने पहले चरण में आम लोगों से आपत्तियां और दावे आमंत्रित किए हैं।

यह प्रक्रिया तय करेगी कि किसी व्यक्ति या संस्था का संपत्ति पर वैध अधिकार है या नहीं.बता दें कि महारानी कामसुंदरी देवी का निधन 12 जनवरी 2026 को हुआ था और उन्होंने कोई वसीयत नहीं छोड़ी. साथ ही, उनकी कोई संतान भी नहीं थी. ऐसी स्थिति में संपत्ति के उत्तराधिकार को लेकर कानूनी अस्पष्टता बनी हुई है।

राजस्व विभाग का मानना है कि जब तक कोई वैध उत्तराधिकारी सामने नहीं आता, तब तक राज्य सरकार को हस्तक्षेप करने का अधिकार है. यही वजह है कि संपत्ति को सरकारी नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

Check Also
Close