
स्वतंत्रता सेनानी स्व. लक्ष्मी प्रसाद उर्फ फुलचंद माथुरी की 32वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, परिजनों ने किया भावपूर्ण स्मरण
जमुई जिला ब्यूरो डॉ बिरेंद्र कुमार की रिपोर्ट
जमुई: झाझा। झाझा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं झाझा नगर परिषद उस समय के अधिसूचित क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष( चेयरमैन)रहे स्वर्गीय लक्ष्मी प्रसाद उर्फ फुलचंद माथुरी की 32वीं पुण्यतिथि पर उनके परिवारजनों एवं शुभचिंतकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उनकी अर्धांगिनी कमला देवी एवं पुत्र भैयालाल माथुरी,कन्हैया जी रोशन ,अमन,मयंक मीना देवी, कुमकुम देवी सहित समाजसेवी सूरज सिंह, पंकज कुमार माथुरी एवं संगम कुमार झा ने सामूहिक रूप से श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
इस अवसर पर भाजपा नेता भैयालाल माथुरी ने अपने पिता स्वर्गीय लक्ष्मी प्रसाद उर्फ फुलचंद माथुरी के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए कहा कि उनके पिता महात्मा गांधी के बिहार आगमन एवं चंपारण आंदोलन से प्रेरित होकर देश की आजादी के आंदोलन से जुड़े थे।
उन्होंने बताया कि भारत छोड़ो आंदोलन के आह्वान के दौरान झाझा के स्वर्गीय शिवनंदन झा, स्वर्गीय शिवनंदन यादव सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के साथ स्वर्गीय लक्ष्मी प्रसाद माथुरी भी देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत होकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदोलन में शामिल हुए थे।
भैयालाल माथुरी के अनुसार, आंदोलन के दौरान ब्रिटिश शासन द्वारा स्वर्गीय लक्ष्मी प्रसाद माथुरी सहित कई स्वतंत्रता सेनानियों को गिरफ्तार कर देवघर कारागार में भेजा गया था, जहां उन्हें लगभग तीन महीने तक कारावास में रखा गया। इसके बाद उन्हें रिहा किया गया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग, संघर्ष और देश के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। पुण्यतिथि के अवसर पर परिवारजनों एवं उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय लक्ष्मी प्रसाद उर्फ फुलचंद माथुरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके संघर्ष एवं योगदान को स्मरण किया तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।




















