
विकसित ग्राम पंचायत योजना को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित
02 अक्टूबर की ग्राम सभा में पारित होगा VGPP, स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाओं के चयन पर जोर
जमुई जिला ब्यूरो डॉ बिरेंद्र कुमार की रिपोर्ट
जमुई। विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) को लेकर शनिवार, 26 सितंबर को जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। प्रशिक्षण में जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, निदेशक (एनईपी), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, विभिन्न प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारी सहित प्रखंड स्तरीय कर्मी मौजूद रहे।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित भारत-जी राम जी’ के तहत निर्धारित 375 प्रकार की योजनाओं में से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का चयन कर विकसित ग्राम पंचायत प्लान (VGPP) तैयार करना है। तैयार योजना को आगामी 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभा में पारित कराया जाएगा।
चार प्रमुख क्षेत्रों में होगा योजनाओं का चयन
इस पहल के तहत जल सुरक्षा से संबंधित 128 योजनाएं, ग्रामीण आधारभूत संरचना से संबंधित 111 योजनाएं, आजीविका से संबंधित 98 योजनाएं तथा मौसम अनुकूलन से संबंधित 38 प्रकार की योजनाएं शामिल हैं। पंचायतों की स्थानीय जरूरतों के आधार पर इन योजनाओं का चयन किया जाएगा।
मानव दिवस सृजन और परिसंपत्ति निर्माण पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने कार्यक्रम पदाधिकारियों, कार्यपालक अभियंताओं, कनीय अभियंताओं एवं पंचायत तकनीकी सहायकों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का चयन करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिक से अधिक मानव दिवसों के सृजन के साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया।
पेयजल की समस्या के समाधान को लेकर अलीगंज एवं चकाई प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का चयन और क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया गया। साथ ही वर्ष 2047 तक ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीणों की आजीविका में सुधार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
प्रखंड और पंचायत स्तर पर भी होगा प्रशिक्षण

उप विकास आयुक्त ने VGPP तैयार करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही। जिला स्तरीय प्रशिक्षण के बाद अब प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें जनप्रतिनिधियों और प्रखंड स्तरीय कर्मियों को योजनाओं के उद्देश्य एवं तकनीकी जानकारी दी जाएगी। साथ ही ‘विकसित भारत-जी राम जी’ के तहत संचालित योजनाओं को लेकर ग्रामीणों को भी जागरूक किया जाएगा।




















