[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

आर्थिक रूप से इस नए बजट से लोगों को मिलेगी राहत: डॉ. मनीषपूर्णिया के धरती पर फिरदौस ने लहराया अरवल जिला का परचमभारत लेनिन अमर शहीद जगदेव प्रसाद जी की 104वीं जयंती पर जदयू परिवार ने दी श्रद्धांजलिकेंद्र सरकार के बजट सामने आने के बाद शेयर मार्केट में भारी गिरावट…समानता, सद्भावना और करुणा से समाज को एक सूत्र में बंधने वाले थे संत रविदाससंत रविदास जी हिन्दू समाज के महान स्तंभ थे: चारों धाम मिश्रानई दिल्ली जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं रेलवे संघर्ष समिति के लोगहड़ताल पर गए CO पर सरकार सख्त, ‘नो वर्क नो पे’ से लेकर बंगला खाली कराने तक के संकेतरेलवे संघर्ष समिति बिहटा अरवल एवं औरंगाबाद का आज दिल्ली के जंतर मंतर पर होगा धरना प्रदर्शनडबल म*र्डर के मुख्य आरोपी पप्पू सिंह ने किया सरेंडर
जमुईटॉप न्यूज़देशबिहारराज्य

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना में मची है लूट, बिना बोर्ड लगाए हो रहा है काम

गुणवत्ता के अनुरूप नहीं किया जा रहा है काम, घटिया सामग्री से नाला का हो रहा है निर्माण

जमुई जिला ब्यूरो बिरेंद्र कुमार की रिपोर्ट 

गिद्धौर ।प्रखंड के रतनपुर पंचायत के वार्ड नंबर 7 में मनरेगा की क्रियान्वित योजनाओं में लूट की होड़ मची हुई है। इसमें पीओ से लेकर पंचायत के मुखिया यहां तक की रोजगार सेवक की मिली भगत से इनकार नहीं किया जा सकता है।

यही वजह है कि क्रियान्वित योजनाओं में योजना स्थल पर बोर्ड नहीं लगाया जा रहा है। बोर्ड नहीं लगने पर प्राक्कलन में आसानी से चोरी की जा सकती है। जबकि सरकार का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी योजना के कार्य स्थल पर सूचना बोर्ड जरूर लगाएं।

उस बोर्ड में योजना का नाम,योजना की प्रकलित राशि, संवेदक का नाम आदि का जिक्र अनिवार्य रूप से रहनी चाहिए।जानकारी के अनुसार गिद्धौर प्रखंड में 20 से अधिक गांव में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के तहत योजनाएं हो रही है।

यहां पैन सफाई तालाब खुदाई अलंग पर मिटटी भराई के कार्य के अलावे सहित सौ से अधिक योजनाओं का संचालन हो रहा है। बता दे कि कार्यस्थल पर योजना का बोर्ड नहीं लगाए जाने से सरकारी राशि की लूट करने की आजादी है।

ऐसे में आम लोगों को योजना और प्राक्कलन की जानकारी नहीं मिल पाती है।पंचायत से लेकर प्रखंड तक के विभागीय कर्मी एवं पदाधिकारी की मेल से सरकारी राशि की लूट का जरिया बना लिया है।

ऐसे में ग्रामीण मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए केंद्र प्रायोजित मनरेगा योजना मजदूरों को घर पर ही मनरेगा उपलब्ध कराने और चेहरे पर खुशहाली लाने के बजाय लूट, खसोट का जरिया बनकर रह गया।

यह योजना मुखिया पंचायत समिति सदस्य मनरेगा पीओ प्राक्कलन पदाधिकारी सहित अन्य के लिए कामधेनु बनकर रह गया है।

Check Also
Close