
हड़ताल पर गए CO पर सरकार सख्त, ‘नो वर्क नो पे’ से लेकर बंगला खाली कराने तक के संकेत
पटना: बिहार सरकार ने हड़ताल पर गए अंचलाधिकारियों (CO) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बजट सत्र के दौरान इस हड़ताल को अनुचित और अनुशासनहीनता मानते हुए कई अहम आदेश जारी किए हैं।
सरकार की प्रमुख कार्रवाइयां
▪️ ‘नो वर्क, नो पे’ लागू
विभाग ने साफ कर दिया है कि हड़ताल की अवधि के दौरान कार्य से अनुपस्थित रहने वाले अंचलाधिकारियों को उस अवधि का वेतन नहीं मिलेगा।
▪️ सरकारी गाड़ियां और डोंगल जब्त
सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया गया है कि हड़ताल पर गए CO से तुरंत सरकारी वाहन वापस लिए जाएं। साथ ही डिजिटल सिग्नेचर डोंगल, महत्वपूर्ण अभिलेखों की चाबियां और अन्य सरकारी सामग्री भी तत्काल जमा कराई जाए।
▪️ वैकल्पिक प्रभार की व्यवस्था
अंचल कार्यालयों के कामकाज को सुचारू बनाए रखने के लिए वरीय हल्का कर्मचारी या राजस्व कर्मचारी को अंचलाधिकारी का प्रभार सौंपने का आदेश दिया गया है, ताकि दाखिल-खारिज और अन्य जरूरी कार्य बाधित न हों।
▪️ सख्त अल्टीमेटम
सरकार ने इस हड़ताल को अनुशासनहीनता करार देते हुए संकेत दिए हैं कि यदि आंदोलन जारी रहा तो बंगला खाली कराने जैसी और भी कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
हड़ताल का कारण
राजस्व सेवा संघ के बैनर तले अंचलाधिकारी नए पद सृजन और कुछ विभागीय निर्णयों के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
सरकार का साफ संदेश है कि प्रशासनिक कामकाज से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




















