[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

DM-SP की दो टूक: डीजे बजाया तो होगी कार्रवाई, मुहर्रम को लेकर सख्त निर्देश जारीलखनऊ अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद जागा प्रशासन, कोचिंग और अस्पतालों की होगी कड़ी जांचपदभार ग्रहण करने के साथ ही एक्शन मोड में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव मोतिहारीबिहार से यूपी तक पहुंची भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर की आग, इंसाफ के लिए सड़कों पर उतरा चंदौलीअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बाबा झुमराज धाम बटिया में योग शिविर का हुआ आयोजन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीपीएम स्कूल, जहानाबाद में योग कार्यक्रम आयोजित13 साल से फरार 50 हजार का इनामी पॉक्सो आरोपी गिरफ्तार, हिमाचल में छिपा ये था शातिरघोरदौड़ पोखर की जांच करने पहुंचीं एसडीओ मंगला कुमारी, ग्रामीणों की शिकायत पर अधिकारियों ने किया निरीक्षणचन्दौली पुलिस ने रचा कीर्तिमान: जिले के सभी 16 थानों को एक साथ मिला ISO सर्टिफिकेटसड़क सुरक्षा समिति की बैठक में गुड सेमेरिटन पुरस्कार से सम्मानित हुए दो राहवीर, सांसद राधामोहन सिंह ने किया सम्मानित
टॉप न्यूज़बिहारराज्यरोहतास

महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत, सुनी कथा

रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट

दावथ (रोहतास) सोमवती अमावस्या पर विवाहित महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए वट सावित्री व्रत किया।

महिलाएं पूजा की थाल लेकर बरगद के पेड़ के नीचे पहुंचीं और वटवृक्ष की पूजा अर्चना करते हुए जल, अक्षत, कुमकुम से पूजा अर्चना की।

इसके बाद लाल मौली धागे से वृक्ष के चारों और घूमते हुए 108 बार परिक्रमा लगाते हुए महिलाओं द्वारा सावित्री की कथा सुनी गई।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पीपल की तरह वटवृक्ष में भी मां लक्ष्मी का वास माना जाता है। कथा अनुसार जब यमराज सत्यवान के प्राण ले जाने लगे तो सावित्री भी उनके पीछे-पीछे चलने लगी थी।

उसकी पति के प्रति निष्ठा को देखकर यमराज ने आज ही के दिन वरदान मांगने को कहा जिस पर सावित्री ने एक वरदान में सौ पुत्रों की माता बनना मांगा और जब उन्हें वरदान दिया तो सावित्री ने कहा कि वह पतिव्रता स्त्री है और बिना पति के मां नहीं बन सकती।

इसका एहसास यमराज को हुआ और उन्हें लगा कि मेरे द्वारा दिए गए वरदान से मैं स्वयं गलती कर बैठा हूं और उन्होंने सत्यवान के प्राण को फिर से वापस उनके शरीर में वापस कर दिया।

पंडित विजय कुमार मिश्र के अनुसार वट वृक्ष की पूजा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है। पति दीर्घायु होते हैं साथ ही जिस स्त्री को पुत्र नहीं होता है उसे पुत्र की भी प्राप्ति हो जाती है।

Check Also
Close