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जमुईबिहारराज्य

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को ले जमुई जिले में प्रशासन की कोई व्यवस्था नहीं

सोनो जमुई संवाददाता चंद्रदेव बरनवाल की रिपोर्ट 

 विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर जमुई जिले की सड़कों पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है ।

आगामी 22 जुलाई से प्रारंभ होने वाली श्रावणी मेला पर बिहार सहित उत्तर प्रदेश , झारखंड , उड़ीसा , पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों से श्रावणी मेले पर झारखंड प्रदेश के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम एवं बाबा बासुकीनाथ धाम स्थित भगवान भोलेनाथ

एवं माता पार्वती सहित अन्य देवी देवताओं को जल अर्पित करने के लिए जमुई जिले के चकाई , सोनो , झाझा एवं गिधोर के रास्ते सुल्तान गंज गंगा घाट पहुंचते हैं।

जहां पर गंगा स्नान कर पवित्र जल को अपने कॉवर में भरकर बोलबम का नारा लगाते हुए तकरीबन 109 किलोमीटर दूर पैदल चलते हुए बाबा वैद्यनाथ धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं ।

लेकिन जमुई जिले के बटिया थाना क्षेत्र अंतर्गत घने जंगलों से भरा चिरैन घाटी में प्रशासन के द्वारा अब तक उन कॉवरियो के लिए कोई सुविधा मयस्सर नहीं कराया गया है ।

साथ ही पैदल चल रहे जख्मी कॉवरियो के लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा भी सोनो प्रखंड छेत्रों में कहीं भी किसी प्रकार की स्वास्थ्य व्यवस्था नहीं की गई है जो चिंता जनक विषय है ।

श्रावण मास के प्रारंभ होने में अब मात्र 7 दिन ही शेष बचे हैं । श्रावणी मेले का शुभारंभ आगामी 22 जुलाई से प्रारंभ हो रही है ।

मेले का शुभारंभ होने के पुर्व ही कॉवरियों की सुविधा के लिए जमुई जिले के एन एच 333 की सड़कों पर बने लाइन होटलों को सुसज्जित तरिके से सजाने का कार्य शुभारंभ कर दिया गया है ।

इन होटलों पर भोजन पानी के अलावा आराम दायक चोंकी , स्नान करने के लिए पानी आदि की व्यवस्था थके हारे कॉवरियो के लिए किया जा रहा है । ज्ञातव्य हो कि बटिया जंगल की घाटी काफी टेढ़ी मेढ़ी राहों से भरी हुई है।

इस रास्ते पर दुर दराज से आने वाली कॉवरियो से भरी वाहने तेज गति से जंगल पार करते हैं, जिस कारण वाहनों के दुर्घटना होने की प्रबल संभावना बनी रहती है ।

ऐसे में प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं कराया गया तो वाहनों को दुर्घटना होने से ओर वाहन पर सवार कॉवरियों को घायल होने से बचाया नहीं जा सकता।

पुरे 30 दिनों तक चलने वाली यह दुनिया का सबसे लंबा धार्मिक मेला है ।

जहां पर ना सिर्फ श्रावण मास में बल्कि सालों भर अपने देश सहित विदेशी लोग भी भगवान शिव का दर्शन करने बाबाधाम देवघर आते हैं ।

ज्ञात हो कि झारखण्ड प्रदेश के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम एक महत्वपूर्ण ओर सबसे बड़ा हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है । क्योंकि यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है ।

जिस कारण पुरे सावन माह तक प्रत्येक दिन एक लाख से अधिक श्रधालु सुल्तान गंज से जल लेकर पैदल चलते हुए बाबा वैद्यनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव एवं मैया पार्वती सहित सभी देवी-देवताओं को जल अर्पित करते हैं ।

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