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लोगो में शिक्षा का संचार ही उनकी वास्तविक आजादी है:- डीएसपी कंचन राज

रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट 

  • राजा साहब एक अमुल्य प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे, राजा तो थे ही अपितु लेखनी के भी राजा थे:- बीईओ

  दावथ/सुर्यपुरा ( रोहतास)राज राजेश्वरी प्लस टू उच्च्य विद्यालय सूर्यपुर के सभागार में मंगलवार को हिंदी साहित्य जगत के सुप्रसिद्ध साहित्यकार सह विद्यालय के संस्थापक राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह की जयंती पुरे उल्लास के साथ मनाई गई।

जयंती के मौके पर सबसे पहले शिक्षको एव उपस्थित अतिथियों ने राजा साहब के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया।उसके बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक राजीव रंजन की अध्यक्षता और वरीय शिक्षक संजीत सहारा के संचालन में कार्यक्रम की शुरूआत हुई।

जयंती समारो का उदघाटन बीडीओ तेज बहादुर सुमन,सीओ गोल्डी कुमारी, प्रशिक्षु डीएसपी कंचन राज,बीईओ मनोज कुमार, जेरनल मैनेजर अनिल सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। वही अतिथियो व शिक्षकों ने राजा साहब के जीवन शैली व उनकी रचनाओ पर प्रकाश डाला।

इस दौरान संबोधित करते हुए प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष ने कहा कि उस समय में यहां राजा साहब ने इस विद्यालय की स्थापना यही सोच कर किया होगा की क्षेत्र के सभी बच्चे अच्छी और उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश के अच्छे और उच्च पद को प्राप्त कर अपने परिवार और समाज का नाम रौशन करे, आगे कहा बालिकाओ के बीच सुरक्षा से संबंधित नियम कानून को बताया।

साथ ही कहा कि जो भी समस्याएं आये उसे तत्काल जानकारी दे,इसके लिए हेल्प डेस्क भी बना है, तत्काल निदान होगा।

बीडीओ ने कहा कि हम सब यहां आकर बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहे है। राजा साहब के जीवन आदर्शो से सीख लेकर हमे भी एक निश्चित लक्ष्य पाने की कोशिश करनी चाहिए।

अंचलाधिकारी ने अपने गीत के माध्यम से शिक्षा का संदेश दीया और राजा साहब के साहित्यिक और समाजिक के साथ ही राष्ट्र भक्त की चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षा ग्रहण करते हुए बंग भंग आंदोलन में भाग लेने के कारण उन्हें बंगाल निकाशी की सजा अंग्रेजों ने दिया था।

बीईओ ने कहा कि राजा साहब एक अमुल्य प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे, जो राजा तो थे ही अपितु लेखनी के भी राजा थे। उनके सभी रचित रचनाओं पर विशेष चर्चा किया।

प्रभारी प्रधानाध्यापक ने कहा कि राजा साहब राजा होते हुए साहित्य के क्षेत्र में नई ज्योति जलाई।उन्होंने अपनी रचनाओ के माध्यम से समाज के हर एक तबके को जोड़ कर उनमे समरसता धारा प्रवाहित करने का काम किया है।

संचालन कर रहे शिक्षक संजीत कुमार सहारा ने कहा कि राजा साहब लेखनी के धनी थे।तभी तो जब भारत गुलामी की जंजीर में जकड़ा हुआ था हर जगह आजादी की लड़ाई की विगुल फुके जा रहे थे।

तब राजा साहब ने न सिर्फ अपनी लेखनी से लोगो को जगाने का काम किया वल्कि उन दिनों विद्यालय खुलवा कर क्षेत्र के लोगो में जो शिक्षा का संचार करने का काम किया इससे साफ़ जाहिर होता है कि लोगो में शिक्षा का संचार ही असली आजादी है।

मौके पर एसआइ विमलेश कुमार, अनामिका सुधा, राज परिवार से अशोक कुमार चौबे, डंपी कुमार बिनोद शर्मा, शिक्षक, छात्र-छात्रा व अतिथि उपस्थित थे। वही विद्यालय की छात्रा ने स्वागत गीत गाकर अतिथियों का स्वागत किया।

समारोह मे माध्यमिक मैट्रिक और इंटर परीक्षा मे उत्तीर्ण टाप रहे छात्र-छात्रों को राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह, रानी ललिता देवी, ई रामानाथ सिंह सहदेईया पुरस्कार के रुप में नगद राशि और प्रशस्ति पत्र अतिथियों द्वारा दिया गया, साथ ही 1500 मीटर में इंटर कला के जिला टॉप नीरज कुमार को भी पुरस्कृत किया गया।

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