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बिहारराज्यरोहतास

तीर्थ दर्शन और नदी स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो पानी में गंगाजल मिलाकर करें स्नान: – आचार्य पंडित उमेश पाठक

रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट 

दावथ (रोहतास): आज माघ मास की पूर्णिमा है। इस पर्व पर तीर्थ दर्शन और नदी स्नान करने की परंपरा है। इसी वजह से गंगा, यमुना, नर्मदा, शिप्रा जैसी नदियों में कई श्रद्धालु इस दिन स्नान करने पहुंचते हैं।

अभी प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है, माघी पूर्णिमा पर यहां करोड़ों भक्त संगम में स्नान करेंगे। पूर्णिमा पर चंद्र अपनी पूर्ण कलाओं के साथ दिखाई देता है। इस दिन चंद्र उदय के बाद चंद्र की पूजा की जाती है।

मोहनपुर निवासी आचार्य पंडित उमेश पाठक के मुताबिक, जो लोग माघी पूर्णिमा पर नदी स्नान नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए।

गंगाजल न हो तो सामान्य पानी को ही गंगा जल का स्वरूप मानकर स्नान करें। मंत्र – गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु, का जप करते हुए स्नान करें।

स्नान के बाद घर के आसपास ही जरूरतमंद लोगों को भोजन, अनाज, जूते-चप्पल, धन, कपड़े का दान कर सकते हैं।

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