समस्तीपुर: पत्रकार राम कुमार महतो के पुत्र का बौद्ध रीति से विवाह; पंचशील, पर्यावरण और संविधान के संदेशों से महकी महफ़िल

समस्तीपुर: पत्रकार राम कुमार महतो के पुत्र का बौद्ध रीति से विवाह; पंचशील, पर्यावरण और संविधान के संदेशों से महकी महफ़िल
समस्तीपुर। जिला मुख्यालय में सोनभद्र एक्सप्रेस के ब्यूरो चीफ एवं नेशनल जर्नलिस्ट यूनिटी एसोसिएशन के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राम कुमार महतो के सुपुत्र रोशन कुमार और बबली कुमारी का विवाह एवं स्वागत समारोह सामाजिक और वैचारिक क्रांति का एक अद्भुत उदाहरण बना।
पंचशील पट्टी से अतिथियों का सत्कार
समारोह की शुरुआत में श्री राम कुमार महतो ने स्वयं आगे बढ़कर सभी आगत अतिथियों को पंचशील पट्टी भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। भगवान बुद्ध के पांच सिद्धांतों (पंचशील) का प्रतीक यह पट्टी अतिथियों के लिए आकर्षण और सम्मान का केंद्र रही।
पर्यावरण और संविधान का अनोखा संदेश
समारोह के दौरान ‘ऑक्सीजन मैन’ के नाम से मशहूर राजेश कुमार सुमन ने नवदंपति को आम का पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वहीं, दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार विनय भूषण ने नवदंपति को बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का तैल चित्र भेंट करते हुए पाखंड से दूर रहने तथा संवैधानिक रीति-नीति को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
पाखंड पर विज्ञान का प्रहार
स्वागत समारोह में भंते बुद्ध प्रकाश एवं स्वर्गीय सियाराम महतो के विचारों के माध्यम से पाखंड और विज्ञानवादी सोच के अंतर को विस्तार से समझाया गया। कार्यक्रम में सजीव प्रदर्शन (जादू बनाम विज्ञान) के जरिए यह दिखाया गया कि जिसे अक्सर पाखंडी लोग ‘चमत्कार’ करार देते हैं, वह वास्तव में विज्ञान की उपज है।
प्रबुद्धजनों और पत्रकारों का समागम

इस अवसर पर साहित्यकार राजाराम महतो, पूर्व जिला पार्षद कृष्ण देव प्रसाद सिंह, शिक्षाविद अर्जुन कुमार राय, मुकेश कुमार, शिक्षक पप्पू कुमार राम, डॉक्टर रामबाबू राम, डॉक्टर दिनेश कुमार वर्मा और बीटीएम सत्य प्रकाश मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
पत्रकारिता जगत से हिंदुस्तान दैनिक के मनोरंजन मिश्र, दैनिक भास्कर के अशोक कुमार महतो, विनय कुमार राय, और समसुल आलम ने भी शिरकत कर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
समाज के लिए नई मिसाल राम कुमार महतो एवं उनकी धर्मपत्नी अनीता देवी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। बौद्ध रीति से संपन्न यह विवाह, प्रकृति प्रेम, पंचशील के आदर्शों और संवैधानिक चेतना का यह अनूठा संगम पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।




















