
मौत बनकर दौड़ा ‘बालू से लद्दाख ट्रक’, सूरत से लौटे इकलौते चिराग को ओवरलोड ट्रक ने बुझाया
अरवल जिला ब्यूरो बिरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट
फतेहपुर (अरवल): घर की दहलीज पर खुशियां कदम रखने वाली थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सूरत में पसीना बहाकर अपने परिवार का भविष्य संवारने का सपना लिए घर लौट रहे 18 वर्षीय छोटू कुमार की जिंदगी का सफर फतेहपुर संडा के पास थम गया।
क्या है पूरा मामला?
खंगा निवासी रमेश पासवान का पुत्र छोटू कुमार (18 वर्ष) बीते दिन सूरत से कमाकर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान फतेहपुर संडा बालू सियालदह के पास मौत बनकर आ रहे एक ओवरलोड बालू ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भयानक थी कि छोटू बुरी तरह घायल हो गया। उसे आनन-फानन में PMCH पटना ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसने वहीं अपनी अंतिम सांसें लीं।
प्रशासन की सुस्ती या रफ़्तार का कहर?
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। सड़क पर दौड़ते ओवरलोड ट्रक काल बनकर मासूमों को निगल रहे हैं। एक पल की लापरवाही और नियमों की अनदेखी ने रमेश पासवान के हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। घर में कोहराम मचा है, मां का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव की गलियां इस दर्दनाक हादसे से गमगीन हैं।
सवाल जो जवाब मांगते हैं:
कब तक ओवरलोड ट्रकों की भेंट चढ़ते रहेंगे मासूम?
क्या प्रशासन इन ‘मौत के सौदागरों’ पर नकेल कसेगा?
एक गरीब बाप के बुझे हुए चिराग का इंसाफ कौन करेगा




















