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वादाखिलाफी से आक्रोशित राजस्व कर्मी आर-पार की लड़ाई को तैयार, सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन का ऐलान

वादाखिलाफी से आक्रोशित राजस्व कर्मी आर-पार की लड़ाई को तैयार, सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन का ऐलान

जमुई जिला ब्यूरो बिरेंद्र कुमार की रिपोर्ट 

जमुई: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के अंतर्गत कार्यरत राजस्व कर्मियों का अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश/हड़ताल लगातार जारी है। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ, संयुक्त संघर्ष मोर्चा, जिला शाखा जमुई ने राज्य सरकार पर खुली वादाखिलाफी, धोखाधड़ी और कर्मचारी विरोधी रवैए का गंभीर आरोप लगाते हुए साफ कर दिया है कि अब आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है।

संघ के नेताओं ने कहा कि जून 2025 में सरकार और राजस्व कर्मियों के बीच हुआ लिखित समझौता मात्र एक छलावा साबित हुआ है। सरकार ने खुद अपने हस्ताक्षरित वादों को कुचलने का काम किया है, जिससे स्पष्ट है कि यह सरकार कर्मचारियों को सिर्फ इस्तेमाल करने और फिर उन्हें ठगने की नीति पर चल रही है।

उन्होंने कहा कि कई महीनों तक शांतिपूर्ण आग्रह, वार्ता और निवेदन के बावजूद सरकार ने जिस तरह की घोर उपेक्षा और चुप्पी साध रखी है, वह यह साबित करता है कि सरकार को न तो प्रशासनिक मर्यादाओं की परवाह है और न ही अपने ही कर्मचारियों के सम्मान की..

संघ ने दो टूक कहा कि 11 फरवरी 2026 से शुरू यह हड़ताल सरकार की जिद, असंवेदनशीलता और वादाखिलाफी की सीधी देन है। आज राज्य में राजस्व से जुड़े कार्य पूरी तरह प्रभावित हैं, और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की अकर्मण्यता और अहंकार पर है।

संघ ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तुरंत समझौते के बिंदुओं को लागू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र बनाते हुए सड़क से लेकर सदन तक घेराव, तालाबंदी और व्यापक जनांदोलन खड़ा किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अब राजस्व कर्मी पीछे हटने वाले नहीं हैं — यह संघर्ष अब सम्मान, अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन और तेज होता जाएगा और इसकी पूरी जवाबदेही सरकार की होगी।

मुख्य मांगें:

1. गृह जिला में पदस्थापन

2. ग्रेड पे ₹1900 से बढ़ाकर ₹2800 किया जाए

3. 10 वर्षों में समयबद्ध प्रोन्नति

4. अनुकम्पा पर नियुक्त कर्मियों का संवर्ग परिवर्तन न किया जाए

5. कार्यालय संचालन हेतु आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं (टेबल, कुर्सी, इंटरनेट, प्रिंटर, पेपर, पंखा, अलमारी, मोबाइल, मोटरसाइकिल ईंधन आदि)

6. प्रत्येक राजस्व हल्का में “एक हल्का – एक कर्मचारी” के तर्ज पर अविलंब बहाली

7. राजस्व कर्मचारी का पदनाम बदलकर सहायक राजस्व अधिकारी किया जाए

8. सेवा संपुष्टि एवं ACP/MACP का लाभ शीघ्र प्रदान किया जाए

9. कार्यालय अवधि के अलावा काम न लिया जाए। और यदि लिया जाता है तो नियमानुकूल क्षतिपूर्ति अवकाश/राशि उपलब्ध कराई जाए।

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