
बिहटा–अरवल–औरंगाबाद रेल लाइन में भेदभाव का आरोप, आंदोलन फिर होगा तेज : मनोज सिंह यादव
अरवल जिला ब्यूरो बिरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट
अरवल, 30 जून 2026। बिहटा–अरवल–औरंगाबाद रेल लाइन निर्माण में हो रही देरी को लेकर रेलवे संघर्ष समिति ने बिहार सरकार एवं रेलवे अधिकारियों पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मंगलवार को अरवल स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर वाचनालय में रेलवे संघर्ष समिति बिहटा–अरवल–औरंगाबाद के मुख्य संयोजक मनोज सिंह यादव की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेल परियोजना की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि रेलवे विभाग द्वारा बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पत्रांक-1250, दिनांक 29 जुलाई 2025 के आलोक में तत्कालीन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 30 जून 2026 तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही थी। लेकिन समिति का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा अब तक रेलवे लाइन का सीमांकन भी नहीं कराया गया है, जिससे परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी है।
मनोज सिंह यादव ने कहा कि अरवल जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए आंदोलनकारियों ने पहले भी लाठीचार्ज और जेल जाने तक का संघर्ष किया है। यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो फिर से जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा और जनआंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रेल मंत्रालय को हस्ताक्षर अभियान और पोस्टकार्ड अभियान के माध्यम से जनसमर्थन भेजने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
बैठक को मनोज सिंह यादव, धनंजय कुमार सिंह, रजनीश कुमार, भैरव कुमार, मंटू कुमार, ओम प्रकाश कुमार, गजेंद्र कुमार, उपेंद्र कुमार, कामेश्वर राजवंशी, कामेश्वर यादव सहित दर्जनों आंदोलनकारियों ने संबोधित किया।




















