लखनऊ अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद जागा प्रशासन, कोचिंग और अस्पतालों की होगी कड़ी जांच
लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसे के बाद चंदौली जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। डीएम चंद्रमोहन गर्ग ने निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और कोचिंग संस्थानों की सघन जांच के आदेश दिए हैं। सुरक्षा में चूक मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरी रिपोर्ट नीचे पढ़ें।

लखनऊ हादसे के बाद चंदौली प्रशासन अलर्ट
निजी अस्पतालों और कोचिंग सेंटरों की जांच
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
जांच टीम जल्द सौंपेगी अपनी रिपोर्ट
आम जनता ने किया प्रशासन का स्वागत
लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुई दर्दनाक आगजनी की घटना के बाद अब चंदौली जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बच्चों और मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिले में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीएम ने दिए सघन जांच के निर्देश
चंदौली के जिलाधिकारी (DM) चंद्रमोहन गर्ग ने जिले में चल रहे सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, कोचिंग सेंटरों और भीड़भाड़ वाले अन्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने का आदेश दिया है। इसके लिए अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की गई है, जो सभी जगहों का सघन निरीक्षण करेगी।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा है कि सभी संस्थानों में अग्निशमन सुरक्षा (फायर सेफ्टी), आपातकालीन निकास द्वार और बिजली सुरक्षा व्यवस्था का सही होना अनिवार्य है। यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी संस्थान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई, तो संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फायर सेफ्टी उपकरणों की होगी बारीकी से जांच
जांच टीम को निर्देशित किया गया है कि वे अस्पतालों और कोचिंग सेंटरों में जाकर फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता और उनके चालू हालत में होने की बारीकी से जांच करें। साथ ही, ऐसे संस्थानों की पहचान भी की जाएगी जो बिना जरूरी अनुमति या नियमों के विपरीत चलाए जा रहे हैं।
जल्द सौंपी जाएगी जांच रिपोर्ट
डीएम ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों, मरीजों और आम नागरिकों की सुरक्षा ही प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है। जांच टीम को अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर ताला भी लग सकता है।




















