[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

आर्थिक रूप से इस नए बजट से लोगों को मिलेगी राहत: डॉ. मनीषपूर्णिया के धरती पर फिरदौस ने लहराया अरवल जिला का परचमभारत लेनिन अमर शहीद जगदेव प्रसाद जी की 104वीं जयंती पर जदयू परिवार ने दी श्रद्धांजलिकेंद्र सरकार के बजट सामने आने के बाद शेयर मार्केट में भारी गिरावट…समानता, सद्भावना और करुणा से समाज को एक सूत्र में बंधने वाले थे संत रविदाससंत रविदास जी हिन्दू समाज के महान स्तंभ थे: चारों धाम मिश्रानई दिल्ली जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं रेलवे संघर्ष समिति के लोगहड़ताल पर गए CO पर सरकार सख्त, ‘नो वर्क नो पे’ से लेकर बंगला खाली कराने तक के संकेतरेलवे संघर्ष समिति बिहटा अरवल एवं औरंगाबाद का आज दिल्ली के जंतर मंतर पर होगा धरना प्रदर्शनडबल म*र्डर के मुख्य आरोपी पप्पू सिंह ने किया सरेंडर
टॉप न्यूज़बिहारराज्यरोहतास

महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत, सुनी कथा

रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट

दावथ (रोहतास) सोमवती अमावस्या पर विवाहित महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए वट सावित्री व्रत किया।

महिलाएं पूजा की थाल लेकर बरगद के पेड़ के नीचे पहुंचीं और वटवृक्ष की पूजा अर्चना करते हुए जल, अक्षत, कुमकुम से पूजा अर्चना की।

इसके बाद लाल मौली धागे से वृक्ष के चारों और घूमते हुए 108 बार परिक्रमा लगाते हुए महिलाओं द्वारा सावित्री की कथा सुनी गई।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पीपल की तरह वटवृक्ष में भी मां लक्ष्मी का वास माना जाता है। कथा अनुसार जब यमराज सत्यवान के प्राण ले जाने लगे तो सावित्री भी उनके पीछे-पीछे चलने लगी थी।

उसकी पति के प्रति निष्ठा को देखकर यमराज ने आज ही के दिन वरदान मांगने को कहा जिस पर सावित्री ने एक वरदान में सौ पुत्रों की माता बनना मांगा और जब उन्हें वरदान दिया तो सावित्री ने कहा कि वह पतिव्रता स्त्री है और बिना पति के मां नहीं बन सकती।

इसका एहसास यमराज को हुआ और उन्हें लगा कि मेरे द्वारा दिए गए वरदान से मैं स्वयं गलती कर बैठा हूं और उन्होंने सत्यवान के प्राण को फिर से वापस उनके शरीर में वापस कर दिया।

पंडित विजय कुमार मिश्र के अनुसार वट वृक्ष की पूजा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है। पति दीर्घायु होते हैं साथ ही जिस स्त्री को पुत्र नहीं होता है उसे पुत्र की भी प्राप्ति हो जाती है।

Check Also
Close