[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

प्रेम प्रसंग में कुम्हेनी डैम से एक युवक का मिला शव, जांच में जुटी पुलिसरौशन आनंद सर को नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिजजनसुनवाई पोर्टल पर पुलिस द्वारा लेखपाल से बिना वास्तविक जांच कराए फर्जी या गोल-मटोल रिपोर्ट अपलोड कर दी गई है।चंदौली कोतवाली थाना चकिया के राजनाथ व दूधनाथ का बेचा हुआ जमीन का हुआ पर्दाफाश जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासाचंदौली चकिया इतिहास के पन्नों में दर्ज यह नाम इन्होंने अपने गीतों और शायरी से दी चुनौतीअपर पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा पुलिस कार्यालय, अरवल का निरीक्षणचंदौली के इस लड़के ने हिलाया पूरा भारत जानकार हो जाएंगे हैराननौगढ़ में पंचायत के सामने खुलेगी PM आवास की लिस्ट, एक गलती से कट सकता है नाम, मचा हड़कंपडॉक्टर भीम सिंह ने किया चंद्रवंशी चौपाल चबूतरा का उद्घाटन, समाज को मिली नई सौगातग्राम पंचायत उसरी में विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ वृक्षारोपण, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत लगाए गए पौधे
टॉप न्यूज़बिहारराज्यरोहतास

महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत, सुनी कथा

रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट

दावथ (रोहतास) सोमवती अमावस्या पर विवाहित महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए वट सावित्री व्रत किया।

महिलाएं पूजा की थाल लेकर बरगद के पेड़ के नीचे पहुंचीं और वटवृक्ष की पूजा अर्चना करते हुए जल, अक्षत, कुमकुम से पूजा अर्चना की।

इसके बाद लाल मौली धागे से वृक्ष के चारों और घूमते हुए 108 बार परिक्रमा लगाते हुए महिलाओं द्वारा सावित्री की कथा सुनी गई।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पीपल की तरह वटवृक्ष में भी मां लक्ष्मी का वास माना जाता है। कथा अनुसार जब यमराज सत्यवान के प्राण ले जाने लगे तो सावित्री भी उनके पीछे-पीछे चलने लगी थी।

उसकी पति के प्रति निष्ठा को देखकर यमराज ने आज ही के दिन वरदान मांगने को कहा जिस पर सावित्री ने एक वरदान में सौ पुत्रों की माता बनना मांगा और जब उन्हें वरदान दिया तो सावित्री ने कहा कि वह पतिव्रता स्त्री है और बिना पति के मां नहीं बन सकती।

इसका एहसास यमराज को हुआ और उन्हें लगा कि मेरे द्वारा दिए गए वरदान से मैं स्वयं गलती कर बैठा हूं और उन्होंने सत्यवान के प्राण को फिर से वापस उनके शरीर में वापस कर दिया।

पंडित विजय कुमार मिश्र के अनुसार वट वृक्ष की पूजा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है। पति दीर्घायु होते हैं साथ ही जिस स्त्री को पुत्र नहीं होता है उसे पुत्र की भी प्राप्ति हो जाती है।

Check Also
Close