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बिहारराज्यरोहतास

जयंती पर याद किए गए कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद

रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट 

दावथ (रोहतास) जे पी के इंटर कॉलेज बभनौल के मालवीय सभागार में महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गई।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रचार डॉ प्रकाश चतुर्वेदी ने कहा कि सम्राट मुंशी प्रेमचंद उर्दू का संस्कार लेकर हिंदी में आए थे और हिंदी के महान लेखक बने। कहानी और उपान्यास में युगांतरकारी परिवर्तन किया।

आम आदमी को अपनी रचनाओं का विषय बनाया और उसकी समस्याओं पर खुलकर कलम चलाते हुए साहित्य को सच्चाई के धरातल पर उतारा।

ऐसे महान साहित्यकार के जीवन से नई पीढ़ी को सीख लेने की आवश्यकता है। कहा कि आज की परिपाटी में नई पीढ़ी का रुझान किताबों से ज्यादा डिजिटल मीडिया पर है।

वही परीक्षा नियंत्रक चारों धाम मिश्रा ने कहा कि मुंशी प्रेम चंद्र की कहानियों को पढ़ने के लिए आज की युवा पीढ़ी को जागरूक के साथ ही प्रेरित करने की आवश्यकता है।

उनकी की कहानियों में मौजूद भावों, मानवीय संवेदनाओं और नैतिक शिक्षाओं को जन सामान्य तक पहुंचाना है।

मौके पर परीक्षा नियंत्रक चारों धाम मिश्रा,विक्की चौबे ,उमेश पाठक ,शिव शंकर दुबे ,मिथिलेश चौधरी, लल्लू चौबे सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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