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जमुईबिहारराज्य

भगवान लक्ष्मी नारायण का वार्षिक पुजा हर्षोल्लास के साथ संपन्न

सोनो जमुई संवाददाता चंद्रदेव बरनवाल की रिपोर्ट 

जमुई जिले के सोनो प्रखंड अंतर्गत महेश्वरी गाँव स्थित मंदीर के सिंहासन पर विराजमान भगवान लक्ष्मी नारायण का वार्षिक पुजा महोत्सव शुक्रवार को हर्षोल्लास पुर्वक संपन्न हो गया ।

प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी कार्तिक मास की पुर्णिमा को बाबा लक्ष्मी नारायण मंदीर में आयोजित वार्षिकोत्सव मे दुर दराज से आये हजारों लोगों ने बाबा लक्ष्मी नारायण का दर्शन कर मिन्नते मांगी ।

बाबा लक्ष्मी नारायण का दर्शन के लिए बिहार सहित झारखंड , उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल आदि विभिन्न राज्यों से आये हजारों श्रधालुयों ने घंटों तक कतार बद्ध लाईन में खड़े रहे ।

श्रधालु अपना इच्छित फल की प्राप्ति एवं एवं सुख समृद्धि के लिए चावल , गुड़ , घृत ओर दही के मिश्रण से बना प्रसाद एवं तुलसी दल नैवेद्य के रूप में भगवान लक्ष्मी नारायण को अर्पित किया ।

बताया गया है कि भगवान लक्ष्मी नारायण की स्थापना पिछले 400 वर्षों पुर्व महे्वरी गाँव में तपस्या कर रहे एक श्रृषि मुनि के द्वारा किया गया था ।

तब से लेकर आज तक प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा को इनकी पुजा वार्षिक महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है ।

बताया जाता है कि अपनी जटाओं मे भगवान शालीग्राम को बांधकर रखे श्रृषि महेश्वरी गाँव के समिप बहने वाली कलोधरा नदी में स्नान करने के बाद प्रत्येक दिन अपनी जटा से शालीग्राम को निकालकर स्नान कराने के बाद झोपड़ी नुमा कुटिया मे उनकी पुजा अर्चना कर पुनः अपनी लंबी लंबी जटाओं मे बांध लेते थे ।

फल मुल का सेवन करने वाले तपस्वी मुनी की सेवा स्थानीय महेश्वरी गाँव निवासी राम पांडेय के द्वारा तन मन से किया जाता रहा ।

कई वर्षों बाद जब मुनि इस गाँव से प्रस्थान करने लगे तो उन्होंने राम पांडेय को कोई वर मांगने को कहा , जिसपर राम पांडेय ने मुनि की जटा मे बंधे शालीग्राम को मांग लिया ।

शालीग्राम देते हुए मुनि ने कहा कि यह शालीग्राम पत्थर नहीं बल्कि यह तो साक्षात भगवान लक्ष्मी नारायण हें । उन्होंने शालीग्राम की पुजा अर्चना करने का विधान बताकर राम पांडेय को सोंपकर चले गए ।

इधर राम पांडेय ने श्रृषि की झोपड़ी नुमा कुटिया को साफ सफाई कर छोटी सी मंदीर बनाकर लक्ष्मी नारायण की स्थापना कर पुजा अर्चना प्रारंभ कर दिये ।

तब से लेकर आज तक राम पांडेय के वंशजों द्वारा प्रत्येक दिन भगवान लक्ष्मी नारायण की पुजा अर्चना ओर कार्तिक मास की पुर्णिमा को वार्षिकोत्सव धुमधाम से मनाया जा रहा है ।

ज्ञात हो कि धीरे धीरे भगवान लक्ष्मी नारायण की महिमा दुर दुर तक फैलने लगी ओर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भगवान लक्ष्मी नारायण का मंदीर भी भव्य तरिके से निर्माण कराया गया ।

इधर वार्षिकोत्सव पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी काफी मुस्तेद दिखी ।

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