[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

पांडव को न्याय दिलाने जन सुराज का कैंडल मार्चअग्निकांड पीड़ित परिवार को उपलबंध कराई गई प्रशासनिक सहायताछापेमारी में देशी कट्टा के साथ 21 वर्षीय सुधीर कुमार को सिकरहना अनुमंडल पदाधिकारी एवं कुण्डवा चैनपुर थाना ने किया गिरफ्तार बिहार कैबिनेट में चार वैश्य समाज के मंत्री बनने पर समाज के नेताओं ने दी बधाईआगामी 10 मई को जमुई में होने वाली बरन महासभा की सफलता को लेकर पदाधिकारियों का जन संपर्क अभियान जोरों पर रामगढ़ नगर पंचायत के वार्ड नंबर-1 की बदहाल स्थिति, 10 वर्षों से सड़क-नाली निर्माण की मांग अधूरीशहाबगंज पुलिस ने कोमल तिवारी हत्याकांड में अमरनाथ को किया गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त गड़ासा बरामदबराव में सात लाभुकों को मिली भूमि की दखल-देहानीपूर्वी चंपारण जिलाधिकारी सह निर्वाचन पदाधिकारी ने किया ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षणRPF POST के तेज तर्रार सब इंस्पेक्टर मुकेश कुमार एवं टीम को मिली बड़ी सफलता, हजारों रुपए मूल्य की विदेशी शराब बरामद
बिहारराज्यरोहतास

शास्त्र और संत का सानिध्य व्यक्ति की अधर्मी होने से बचाता हैं:- जीयर स्वामी जी महाराज

रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट 

नोखा/दावथ,(रोहतास)। गढ़ नोखा में आयोजित पांच दिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के तीसरे दिन मंगलवार को प्रवचन के दौरान श्री जीयर स्वामी जी महाराज ने अपने निवेदन में कहा कि विकृति आने पर जीवात्मा दुषित हो जाता है। इससे बचने लिए वेदांत एक मात्र सहारा है।

शास्त्र और संत का सानिध्य व्यक्ति को अधर्मी होने से बचाता है। इसके लिए भक्ति के सार तत्वों को रखते हुए उन्होंने कहा कि मौसमी भक्ति उत्पन्न करने से स्वयं को बचाना चाहिए।

छठ पूजा के दौरान सूर्य की जितनी महता होती है,उतना ही महत्व प्रत्येक दिनों में भी है। इसलिए सूर्य की अराधना छठ पूजा सहित अन्य दिनों में भी निरंतर करना चाहिए।

जरुरतमंद की मदद करना श्रेष्ठ भक्ति बताते हुए स्वामी जी ने कहा कि कोई प्यास से मर रहा हो और कोई शिव को जलाभिषेक के लिए निकला हो।

उसे सर्वप्रथम प्यासे को जल देकर उसकी रक्षा करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ने कई उदाहरणों के साथ मानवीय मूल्यों को रखते हुए श्रेष्ठ धर्म का बोध कराया।

Check Also
Close