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बिहारराज्यरोहतास

चैता बहोरी में आकर्षण का केंद्र बना महिष्मति के तर्ज पर मां सरस्वती का पूजा पंडाल

रोहतास संवाददाता मंटू कुमार की रिपोर्ट 

संझौली (रोहतास)। जिले के संझौली प्रखंड क्षेत्र के चैता बहोरी गांव में बसंत पंचमी के अवसर पर प्रखंड के विभिन्न गांव में सोमवार को सरस्वती मां की विधि विधान एवं वैदिक मंत्रोचारण के साथ पूजा अर्चना की गई । स्कूलों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों द्वारा पंडाल बना मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई है।

प्रखंड क्षेत्र के चैता बहोरी गांव स्थित सरस्वती पूजा पंडाल आसपास सहित पूरे जिले के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। दूसरी बार क्षेत्र में इस तरह का भव्य पंडाल बनाया गया है।

पूजा कमेटी के सदस्यों ने दो सप्ताह की मेहनत के बाद इस भव्य पंडाल को अंतिम रूप दिया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस तरह का पंडाल पूरे जिले में कहीं नहीं बना है।

छात्र नवयुवक संघ रोहतास क्लब चैता बहोरी के अनुसार रात के समय पूरी तरह से रंग बिरंगी लाइट से सुशोभित या पंडाल देखने को मिलता है। 30 फीट ऊंचे पंडाल में 12 फिट की मां सरस्वती की प्रतिमा भी स्थापित की गई है।

दुर्गा पूजा की तरह महिला पुरुष भक्तों के आने-जाने के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। आयोजकों के अनुसार पूजा पंडाल में बेहतर लाइटिंग व ध्वनि ध्वनि विस्तारक यंत्र की व्यवस्था है।

इसके साथी पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाए भी पूजा समिति द्वारा की गई है। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि पिछले वर्ष भी सरस्वती पूजा धूमधाम से मनाई गई थी। ज्ञान की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना हुई।

वहीं अन्य जगहों पर रविवार को वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा और मां की पूजा अर्चना की गई। पंडालों में माता की पूजा अर्चना कर आरती उतारी गई और प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान पंडालों में माता के खूब जयकारे लगाए गए।

माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। इस वर्ष तीन फरवरी को वसंत पचंमी का त्योहार मनाया गया। इसके लिए तैयारियां तेजी से चल रही थी।

कमेटी के द्वारा पिछला कई वर्षों से इसी स्थान पर मां शारदे की प्रतिमा स्थापित किया जाता था इस वर्ष भी धूमधाम के साथ मां शारदे की प्रतिमा रखकर पूजन किया गया। तालाब में बैलून से सजाया गया है जो की आकर्षण का केंद्र दिख रहा हैं।

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