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बिहारराज्यरोहतास

चित्रकार कौशलेश पांडेय रविवार को होंगे आरंभ सम्मान से सम्मानित

रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट 

दावथ (रोहतास) आरंभ चयन समिति डेढ़गांव द्वारा आरंभ सम्मान से वरिष्ठ चित्रकार कौशलेश पांडेय को रविवार को सम्मानित किया जाएगा।

विदित हो कि यह सम्मान डेढ़गांव में स्थित आरंभ विद्यालय द्वारा शाहाबाद क्षेत्र में जन्में वैसे व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है।

जिन्होंने साहित्य, कला, संगीत, पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किया है तथा जिनके कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया गया है और सराहा गया है। चित्रकार कौशलेश पांडेय का जन्म 1964 में रोहतास जिला के सेमरा गांव में हुआ है ।

इन्होंने अपनी पढ़ाई वाराणसी के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नाकोत्तर और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से चित्रकला (पेंटिंग) की पढ़ाई की है। कौशलेश पांडेय ने अपने चित्रों और पेंटिंग्स के माध्यम से ग्रामीण जीवन की विभिन्न छवियों तथा समकालीन दुनिया की विभिन्न स्थितियों को प्रकट किया है।

इन्होंने राधा कृष्ण और भगवान गणेश पर कई सीरीज भी बनाए रखे हैं। कुछ पेंटिंग इनकी कोरोना काल के पहले विदेशों में भी बिक चुकी है।

इनके चित्रों की प्रदर्शनी देश के कई महानगरों मे आयोजित हुई है। फिलहाल वे कई प्रकाशनों से जुड़े हुए हैं और उनके साहित्यिक किताबों के आवरण चित्र बनाते आ रहे हैं।

अबतक इन्होंने लगभग ढाई सौ पुस्तकों के आवरण चित्र बनाए हैं, जो प्रतिष्ठित प्रकाशन जैसे बोधि प्रकाशन, सृजनलोक प्रकाशन और वेरा प्रकाशन से प्रकाशित हुए हैं।

इस समय ये बिक्रमगंज के नागेंद्र झा महिला महाविद्याल में अध्यापन से जुड़े हुए हैं। और अब भी लगातार शाहाबाद की लोक कला भोजपुरी पेंटिंग के विकास के लिए और कई स्कूलों में जाकर में बच्चों को प्रशिक्षण देते आ रहे हैं।

वह कहते हैं कि कला के मामले में हम बहुत पीछे हैं और हिंदुस्तान के बहुत सारे राज्य चित्रकला, पेंटिंग, फोटोग्राफी,संगीत आदि को लेकर हमसे आगे चल रहे हैं। हमारा यह उत्तरदायित्व बनता है कि हम नहीं पीढ़ी को कुछ देकर जाएं।

बेशक हमने बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली हो लेकिन नई इस नई पीढ़ी को लुप्त होती हमारी लोक कला को लेकर लोगों के बीच में लाकर और उन्हें हमारी संस्कृति से परिचित कराना बेहद जरूरी है।

कौशलेश ने ब्रश और रंग के द्वारा राष्ट्रीय कला क्षितिज पर एक विशेष मुकाम हासिल किया है।

आरंभ सम्मान के रूप में इन्हें प्रतीक चिन्ह सम्मान पत्र, अंगवस्त्र, श्रीफल और एवं सम्मान राशि प्रदान को जाएगी।

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