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जयंती: जाति-पाति को भूल आत्मज्ञान का मार्ग दिखाने वाले महान संत थे गुरु रविदास: – महामंत्री

जयंती: जाति-पाति को भूल आत्मज्ञान का मार्ग दिखाने वाले महान संत थे गुरु रविदास: - महामंत्री

रोहतास संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट

 बिक्रमगंज (रोहतास) संत रविदास की 648वीं जयंती पर भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ महामंत्री डॉ. मनीष रंजन ने उनके तैलचित्र पर बुधवार को पुष्पित अर्पित कर उन्हें नमन किया।

उक्त अवसर भाजपा महामंत्री डॉ. मनीष ने उन्हें याद करते हुए बताया कि उन्हें आज पूरा देश एक संत, कवि और दार्शनिक रूप में दिल से याद कर रहा है।

गुरु संत रविदास जी महान संत के साथ एक अद्वितीय कवि भी थे। जिन्होंने सामाजिक एकता एवं मानवतावादी मूल्यों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया।

जिनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं, जो समाज में एकता, भाईचारे एवं आपसी बंधुत्व की प्रेरणा देते हैं। जिनके उपदेशों एवं उनके आदर्शों को हर व्यक्ति को अपने जीवन में उतारना चाहिए।

संत रविदास भारत के महान संतों में से एक हैं। साथ ही डॉ. मनीष ने बताया कि संत रविदास ने अपने वचनों और दोहों से भक्ति की पूरी दुनिया में एक अलग पहचान छोड़ गए हैं।

जिन्हें आज भी लोग उनके वचनों और दोहों के लिए याद करते हैं। संत शिरोमणि रविदास ने अपने उच्च विचारों से पूरी दुनिया को जागरूक करने का कार्य किया था।

जिन्हें लोग भक्ति आंदोलन के प्रसिद्ध संत मानते है। उन्होंने जाति-पाति के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हुए आत्मज्ञान का भी मार्ग दिखाया था।

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