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संगठित आत्मसम्मान बढ़ाये शाकद्वीपी ब्राह्मण:- गिरीन्द्र मोहन मिश्र

संगठित आत्मसम्मान बढ़ाये शाकद्वीपी ब्राह्मण:- गिरीन्द्र मोहन मिश्र

रोहतास दावथ संवाददाता चारोधाम मिश्रा की रिपोर्ट 

दावथ (रोहतास): मग धर्म संसद के राष्ट्रीय संयोजक गिरीन्द्र मोहन मिश्र ने कहा है कि संगठित आत्मसम्मान बढ़ाये अपने शाकद्वीपी ब्राह्मण समाज।

इसके लिए वर्तमान में जो भी संगठन है उस पर यकीन कर आप अपना सहयोग,योगदान दीजिए। आपका संगठित विश्वास आपके समाज को एक नई ऊँचाई प्रदान करेगा और आपके आत्मसम्मान में सामूहिक इज़ाफ़ा होगा।

   श्री मिश्र ने आगे कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का खुद का आत्मसम्मान होता है। लेकिन वो आत्मसम्मान तब गिरबी पड़ जाता है, धूमिल हो जाता है जब परिस्थिति विपरीत हो जाता है।

वस्तुतः शक्ति सदैव स्थिर रहती नहीं है।वहीं पर यदि शक्ति को संग्रहित कर दिया जाए तो उसकी आयु बढ़ जाती है और बेहतर परिणाम हासिल होता है। आप छिन्न – भिन्न होकर एकला चलो का सिद्धांत को छोड़िए और सामूहिकता में ,संगठन में विश्वास कीजिए।

      गिरीन्द्र मोहन मिश्र ने कहा कि आज आपको सैल्यूट मिलता है वो आपके ओहदा, आपकी वर्तमान स्थिति को जो पराया है यानी सरकार, किसी कम्पनी का है जो एक संगठन है, शक्ति है।

जिस दिन आप विरमित हो जाइएगा, सेवा निवृत हो जाइएगा उसके बाद उस संगठन,विभाग, संस्थान के लिए बे- मूल्य का हो जाइएगा।

लेकिन अपने शाकद्वीपी ब्राह्मण समाज के संगठन की मजबूती के बदौलत आप ताजन्म मूल्यवान, आदरणीय रहिएगा. इससे वर्तमान में तो आपको गर्व की अनुभूति होगी ही, आगे आपके बाद आपकी पीढ़ी को भी वही मान -सम्मान मिलेगा और मग शक्ति से सराबोर रहेगा।

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