[wpdts-weekday-name] [wpdts-day]/ [wpdts-month]/ [wpdts-year] 

आर्थिक रूप से इस नए बजट से लोगों को मिलेगी राहत: डॉ. मनीषपूर्णिया के धरती पर फिरदौस ने लहराया अरवल जिला का परचमभारत लेनिन अमर शहीद जगदेव प्रसाद जी की 104वीं जयंती पर जदयू परिवार ने दी श्रद्धांजलिकेंद्र सरकार के बजट सामने आने के बाद शेयर मार्केट में भारी गिरावट…समानता, सद्भावना और करुणा से समाज को एक सूत्र में बंधने वाले थे संत रविदाससंत रविदास जी हिन्दू समाज के महान स्तंभ थे: चारों धाम मिश्रानई दिल्ली जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं रेलवे संघर्ष समिति के लोगहड़ताल पर गए CO पर सरकार सख्त, ‘नो वर्क नो पे’ से लेकर बंगला खाली कराने तक के संकेतरेलवे संघर्ष समिति बिहटा अरवल एवं औरंगाबाद का आज दिल्ली के जंतर मंतर पर होगा धरना प्रदर्शनडबल म*र्डर के मुख्य आरोपी पप्पू सिंह ने किया सरेंडर
बिहारराज्यरोहतास

साक्षात भगवान कृष्ण का दर्शन है भागवत कथा:- दीपशरण जी महाराज

साक्षात भगवान कृष्ण का दर्शन है भागवत कथा:- दीपशरण जी महाराज

रोहतास दावथ संवाददाता चारों धाम मिश्रा की रिपोर्ट 

 दावथ (रोहतास) दावथ प्रखंड के सुन्दर गांव में चल रही रूद्र महायज्ञ में चित्रकूट से पधारे दीप शरण महाराज ने श्रीमद भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की लीला एवं छप्पन भोग के प्रसंगों को कथा के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रत्येक रूप मनोहारी है। उनका बालस्वरूप तो इतना मनमोहक है कि वह बचपन का एक आदर्श बन गया है।

इसीलिए जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के इसी रूप की पूजा-अर्चना की जाती है, जिसमें वे चुराकर माखन खाते हैं, गोपियों की मटकी तोड़ते हैं और खेल-खेल में असुरों का सफाया भी कर देते हैं।

इसी प्रकार उनकी रासलीला, गोपियों के प्रति प्रेम वाला स्वरूप भी मनमोहक है। अपनी लीलाओं में वे माखनचोर हैं, अर्जुन के भ्रांति-विदारक हैं।

गरीब सुदामा के परम मित्र हैं, द्रौपदी के रक्षक हैं, राधाजी के प्राणप्रिय हैं, इंद्र का मान भंग करने वाले गोवर्धनधारी है। उनके सभी रूप और उनके सभी कार्य उनकी लीलाएं हैं।

उनकी लीलाएं इतनी बहुआयामी हैं कि उन्हें सनातन ग्रंथों में लीला पुरुषोत्तम कहा गया है। श्रीकृष्ण ने गौवर्धन की पूजा करके इंद्र का मान मर्दन किया।

श्रीमद भागवत कथा साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का दर्शन है। यह कथा भवसागर से पार लगाती हैं। परमात्मा को केवल भक्ति और श्रद्धा से पाया जा सकता है। कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव की भव्य झांकी का मंचन हुआ।

पूरा पंडाल भगवान कृष्ण के आगमन पर नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, पर झूम उठा, इस खुशी में माखन मिश्री, खिलौने, मिष्ठान भक्तों में वितरण हुआ।

Check Also
Close